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Mahendragarh-Narnaul News: महिला की हत्या व पति को घायल करने में पिता और उसके दो पुत्रों को उम्रकैद

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सोनीपत। सरपंच पद के चुनाव में अपनी मर्जी से वोट डालने को लेकर हुए विवाद म महिला की चाकू से हमला कर हत्या करने व पति को घायल करने के मामले में माहरा निवासी सतबीर उसके दो बेटे संजय और विजय को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने एक दोषी पर 80 हजार व दो पर 75-75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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गांव माहरा निवासी रामनारायण गांव में टैंट हाउस और परचून की दुकान चलाते थे। उनकी सतबीर उर्फ बीरू से दोस्ती थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार सरपंच पद के चुनाव में सतबीर ने रामनारायण पर उसके कहे अनुसार वोट डालने का दबाव बनाया था। रामनारायण ने अपनी मर्जी से वोट डालने की बात कहते हुए मना कर दिया था। इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया था। आरोप है कि 15 जनवरी, 2021 को इसी रंजिश में सतबीर अपने दो पुत्र संजय और विजय के साथ चाकू लेकर रामनारायण के घर पहुंच चाकू से हमला कर दिया था।
घटना में रामनारायण घायल हो गए थे। उनकी पत्नी रोशनी (45) की पीजीआई रोहतक में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
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मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने हत्या के मामले में तीनों को उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना, घर में घुसने के मामले में पांच-पांच वर्ष की कठोर कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माना, चाकू से हमले में दो-दो वर्ष तथा मारपीट में एक-एक वर्ष की कठोर कैद सुनाई गई है। धारा 341 के तहत एक-एक माह और धमकी देने में पांच-पांच वर्ष की कठोर कैद की सजा दी गई है। वहीं संजय को शस्त्र अधिनियम में तीन साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा दी है। जुर्माना न देने पर 11 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।

बचाव पक्ष ने कम से कम सजा मांगी थी
सजा पर बहस के दौरान तीनों दोषियों की ओर से अदालत से नरमी बरतने की मांग की गई। संजय और विजय ने खुद को पूर्व दोषी नहीं होने तथा परिवार में छोटे बच्चों की जिम्मेदारी होने की बात कही। सतबीर ने अपनी अधिक उम्र, पत्नी की मृत्यु और बीमारी का हवाला देकर राहत की मांग की। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने भी कहा कि तीनों अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। वहीं अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए किसी प्रकार की नरमी नहीं बरतने की मांग की।
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