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Mahendragarh-Narnaul News: भूखे-प्यासे कतार में अन्नदाता...सुबह 4 बजे से टोकन के लिए लाइन में लग रहे किसान

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फोटो नंबर- 18लाइन में लग कर खाद प्राप्त करते किसान। संवाद
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नारनौल। रबी सीजन में डीएपी के लिए 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला से लेकर युवा किसानों तक को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। किसान सुबह 4 से 6 बजे ही केंद्र पर पहुंच रहे हैं ताकि टोकन मिल सके। जिन किसानों को टोकन नहीं मिलता, वे शाम तक केंद्र के बाहर इस आस में बैठे रहते हैं कि टोकन वालों के बाद उनका नंबर आएगा।
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मंगलवार सुबह 10 बजे 550 बैग डीएपी का वितरण शुरू हुआ। पहले दिन जिन किसानों को टोकन मिला था लेकिन खाद नहीं मिली थी, उन्हें प्राथमिकता पर खाद दी गई। शाम 4:30 बजे तक टोकन वाले किसानों को खाद बांटने के बाद सिर्फ 100 बैग बचे। ये बैग उन किसानों को दिए गए, जो उसी दिन केंद्र पर पहुंचे थे। कई किसानों को खाद न मिलने से खाली हाथ लौटना पड़ा।
न पीने का पानी, न शौचालय की व्यवस्था
पुरानी अनाज मंडी परिसर में शौचालय नहीं है जिससे किसानों, खासकर महिला किसानों को परेशानी झेलनी पड़ती है। धूप से बचने के लिए किसान मंडी में रखे अनाज के बैग की ओट में बैठे रहते हैं। व्यापारियों की दुकानों पर रखे कैंपर से पानी पीकर वे लाइन में खड़े रहने की हिम्मत जुटाते हैं।
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निजी केंद्रों पर महंगे दाम, एनपीके व तरल सल्फर साथ
किसानों ने बताया कि सभी सरकारी और निजी केंद्रों पर खाद की किल्लत है। जिन निजी केंद्रों पर खाद मिल रही है, वहां तय कीमत 1350 रुपये से ज्यादा वसूले जाते हैं और साथ में एनपीके व तरल सल्फर भी थमा दिया जाता है।
मेरी बात पीएम मोदी से करवाओ
गांव ढाणी बाठोठा के किसान उदय सिंह ने बताया कि लंबे समय से खाद के लिए किसानों को लाइन में ही लगना पड़ता है लेकिन प्रशासन और सरकार सिर्फ आश्वासन देते हैं। परेशान होकर उन्होंने झल्लाहट में कहा कि उनकी बात पीएम मोदी तक पहुंचाई जाए, ताकि वे बता सकें कि किसान बिजाई से लेकर फसल बेचने तक सिर्फ परेशानी झेलता है।
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सुबह 4 बजे इसलिए केंद्र पर पहुंचते हैं ताकि टोकन मिल जाए। टोकन के बाद उम्मीद रहती है कि शाम तक ही सही, आज खाद मिल जाएगी।-रामधन, किसान, मोहल्ला बांस
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बेटा बाहर काम करता है और बहू घर, खेत व पशुओं का काम संभालती है। इसलिए मैं गांव के लोगों के साथ खाद लेने आई थी। कर्मचारियों ने कहा कि टोकन वालों को देने के बाद अगर खाद बची तो दी जाएगी।-फूलकर देवी (80), महिला, मोहल्ला जमालपुर
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सुबह से लाइन में लगने के बाद दोपहर 1 बजे डीएपी मिल पाया। मंडी परिसर में शौचालय नहीं है जिससे महिला किसानों को परेशानी होती है।-संतोष देवी, किसान, गांव गहली
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वर्जन:
जिले में स्थित सभी केंद्रों पर मांग अनुसार डीएपी पहुंचाया जा रहा है। जिन केंद्रों पर खाद का स्टॉक समाप्त हो गया है, वहां दूसरी खेप जल्द पहुंचाई जाएगी। निर्धारित मूल्य से अधिक रुपये मांगने पर किसान कृषि कार्यालय में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।-संजय यादव, गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक, कृषि विभाग, नारनौल।
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