महेंद्रगढ़। गांव सिसोठ में सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से आयोजित प्रशिक्षण शिविर में किसानों को कपास फसल में गुलाबी सुंडी के प्रकोप से बचाव और आधुनिक खेती तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को बदलते कृषि परिवेश के अनुरूप वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने के लिए जागरूक करना था।
केंद्र के संयोजक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सत्यजीत ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को नई तकनीकों से जुड़ने का आह्वान किया। पौध रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र यादव ने कपास में गुलाबी सुंडी के नियंत्रण के उपाय बताए और ग्वार, बाजरा व मूंग जैसी खरीफ फसलों में बीज उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला, जिससे भूमि जनित रोगों से बचाव संभव है।
मृदा वैज्ञानिक डॉ. राजपाल यादव ने संतुलित उर्वरकों के उपयोग और मिट्टी की जांच के आधार पर खाद डालने की सलाह दी। वहीं, डॉ. आशीष शिवरान ने खरीफ फसलों की उन्नत तकनीकों पर जानकारी साझा की। अंत में डॉ. पूनम यादव ने किसानों का आभार जताते हुए उन्हें केंद्र से जुड़कर अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। यह प्रशिक्षण कृषि विश्वविद्यालय हिसार के छात्रों के सहयोग से आयोजित किया गया।