नारनौल/मंडी अटेली/नांगल चौधरी। सरकारी खरीद में केवल 40 प्रतिशत लैब से नीचे की सरसों किसान बेच रहे हैं। वहीं 40 प्रतिशत से अधिक लैब की सरसों आढ़तियों को अधिक भाव पर बेच रहे हैं। इस कारण मंडियों में सरसों की आवक में कमी देखने को मिल रही है।
सरसों खरीद को शुरू हुए करीब 21 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरसों की आवक में अनुमान के मुताबिक बढ़ोतरी देखने को नहीं मिल रही है। गत वर्ष की तुलना में इस बार सरसों की आवक कम है। गौरतलब हैं कि सरसों के सरकारी भाव 5950 रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें 40 फीसदी लैब होना अनिवार्य है, लेकिन सरसों लैब 40 प्रतिशत से अधिक होने पर किसान बाजार में 6100 से 6200 रुपये के भाव पर सरसों बेच रहे हैं।
वहीं व्यापारी और किसानों ने बताया कि आगामी समय में सरसों के भाव में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं विदेशों में भी सरसों की मांग बढ़ रही है। इससे सरसों के भाव में उछाल आने की संभावना बनी हुई है। जिसके चलते अनेक किसान अपनी सरसों की फसल को अभी नहीं बेचकर भाव बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।
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सुचारू रही सरसों की खरीद प्रक्रिया :
नारनौल, अटेली और नांगल चौधरी की अनाज मंडियों में सरसों की खरीद प्रक्रिया शुक्रवार को सुचारू रूप से जारी रही। शुक्रवार को नारनौल में 4109, अटेली में 6300 और नांगल चौधरी 1720 में क्विंटल सरसों की आवक हुई। वहीं नारनौल में 3267, अटेली में 5320 और नांगल चौधरी में 1730 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। इसके अलावा नारनौल में 5300, अटेली में 3200 और नांगल चौधरी में 1500 क्विंटल सरसों का उठान किया गया।
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कैसे निकाली जाती है सरसों की लैब
सभी अनाज मंडियों और मिलों सहित कई स्थानों पर लैब मशीन की दुकानें हैं, जहां सरसों में तेल की मात्रा की जांच की जाती है। उसी के आधार पर सरसों का मूल्य तय किया जाता है। जानकारी के अनुसार चार चम्मच सरसों को लैब मशीन में पीसकर डाला जाता है, जिसके बाद लैब तेल की मात्रा को दर्शाती है। उदाहरण के लिए यदि सरसों में 42 प्रतिशत लैब की मात्रा है तो इसका मतलब प्रति एक क्विंटल सरसों में तेल की मात्रा 37 से 38 किलो रहेगी और 4 किलो तेल खल में मिश्रित रहेगा।
वर्जन :
सरसों की खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। संभावना हैं कि आगामी दिनों में आवक में अधिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। नमी की मात्रा अधिक होने पर सरसों नहीं खरीदी जा रही इसलिए किसानों से अपील है कि सरसों को अच्छे से सुखा कर ही मंडी लाए ताकि परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
रूबी हुड्डा, मैनेजर, वेयर हाउस, नारनौल।