कनीना। क्षेत्र में किसान अगेती की बिजाई और निराई कार्यों में लगे हैं। बाजरे की फसल में खाद भी डाल रहे हैं। अगेती बिजाई करने वाले किसान खेतों में अवांछनीय पौधे, खरपतवार आदि को हटाने का कार्य कर रहे हैं।
किसान मोहन सिंह, अजय सिंह इसराना, रवि कुमार भड़फ, हजारी लाल कोटिया, पवन कुमार, सुनील कुमार, संजय, धर्मवीर, वीरेंद्र, महेश ने बताया कि खेतों में निराई का कार्य चल रहा है, ताकि वर्षा के बाद फसल को अधिक लाभ हो सके। वर्षा होती तो उसे ज्यादा लाभ होगा। कुछ किसानों ने खाद घरों में रख रखा है, ताकि वर्षा के समय डाला जा सके।
उल्लेखनीय है कि किसानों के खेतों में जंगली चौलाई, सांटी, बुई, घास सहित कई अवांछनीय पौधे फसल के साथ पैदा हो गए हैं। फसल को कमजोर कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि निराई करने के बाद पैदावार बढ़ने की संभावना होती है। जहां पछेती बिजाई के तहत कनीना और आसपास क्षेत्र में बाजरे की बिजाई गत दिनों संपन्न हुई हैं। किसान अगेती फसल उगाकर खुश हैं जो अब बड़ी हो चुकी है।
वर्जन...
जिले में अब तक संभावित बाजरा 61116 हेक्टेयर, कपास 10823 हेक्टेयर, ग्वार 500 एकड़ के अतिरिक्त मूंगफली, चरी, अरहर और चारा देने वाली फसलें उगाई गई हैं। इस बार जल्दी बिजाई की गई है। -डॉ. अजय कुमार यादव, एसडीओ कृषि विभाग