एक अप्रैल से जिले की छह अनाज मंडियों में सरकार द्वारा निर्धारित 2015 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की जाएगी। वहीं चने व जौ की फसल भी एक अप्रैल से खरीदी जाएगी। 21 मार्च से 5050 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर शुरू की गई सरसों खरीद प्रक्रिया में भाग लेने के लिए किसान मंडियों में नहीं पहुंचे। सरकार के निर्णय अनुसार गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होकर 15 मई तक चलेगी।
इन छह मंडियों में होगी गेहूं की खरीद
महेंद्रगढ़ जिले में 6 मंडियां बनाई गई है, जिसमें अटेली, कनीना, महेंद्रगढ़, नांगल चौधरी, नारनौल, सतनाली हैं। वहीं अटेली, महेंद्रगढ़, नारनौल व सतनाली मंडियों में हैफेड द्वारा खरीद की जाएगी। नारनौल में सोमवार, बुधवार, शुक्रवार व सतनाली में सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को खरीद की जाएगी। अटेली व महेंद्रगढ़ की मंडियों में नियमित रूप से खरीद जारी रहेगी। नांगल चौधरी में खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा नियमित खरीद की जाएगी। नारनौल में मंगलवार, वीरवार, शनिवार को तथा सतनाली में मंगलवार, वीरवार व शनिवार को खाद्य आपूर्ति विभाग खरीद करेगा। कनीना में वेयर हाउस द्वारा नियमित रूप से खरीद की जाएगी।
जिले के किसान अभी जुटे हैं गेहूं की कटाई में
इस समय किसान तीन कार्यों में उलझे हुए हैं, जिसके कारण दिन-रात काम करना पड़ रहा है। पहला सरसों की थ्रेसिंग का कार्य तेज गति से चल रहा है। तापमान में वृद्धि के कारण गेहूं की फसल भी कटाई आ चुकी है। जबकि कुछ किसानों द्वारा कपास बिजाई की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। ऐसे में तीन काम एक साथ आने से किसान को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं इस बार जिला में प्रवासी मजदूर भी कम पहुंच पाए हैं जिससे किसानों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। किसान परिवार सहित गेहूं की कटाई में जुट गए हैं।
एक अप्रैल तक पूरी होंगी सभी मूलभूत सुविधाएं
हैफेड के प्रबंधक सत्येंद्र यादव ने बताया कि सरकार के निर्देशों के अनुसार एक अप्रैल से जिले की छह मंडियों में गेहूं की 2015 समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू होगी। मंडियों में सभी जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दे दिए गए हैं। खरीद प्रक्रिया के दौरान मंडी में आने वाले किसानों को कोई भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी। सभी मंडियों में किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।