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धरमपुर के गामित परिवार ने तीन अनजानों को दी नई जिंदगी, ग्रीन कॉरिडोर से हॉस्पिटल पहुंचा दिल

Thu, 15 Oct 2026 11:50 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, रोहतक
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अस्पताल प्रशासन ने अतुलभाई को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी - फोटो : अमर उजाला
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जिंदगी के सबसे गहरे दुख के बीच इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए दक्षिण गुजरात के एक परिवार ने तीन अनजान लोगों को नया जीवन दिया है। वांसदा तालुका के महुवास गांव निवासी 40 वर्षीय अतुलभाई गामित को गंभीर ब्रेन हेमरेज के चलते धरमपुर स्थित श्रीमद् राजचंद्र हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था। आईसीयू टीम के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इस बेहद कठिन घड़ी में गामित परिवार ने हिम्मत दिखाते हुए अतुलभाई के सभी अंग दान करने का ऐतिहासिक फैसला लिया।
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अंगदान की प्रक्रिया में समय सबसे अहम होता है, खासकर दिल के मामले में। अस्पताल की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर अतुलभाई का दिल सड़क मार्ग से दमन एयरपोर्ट पहुंचाया गया, जहां से विशेष फ्लाइट के जरिए उसे अहमदाबाद भेजा गया। वहीं, दोनों किडनी एम्बुलेंस से अहमदाबाद के किडनी इंस्टीट्यूट पहुंचाई गईं। एक परिवार के इस साहसी फैसले से तीन गंभीर मरीजों को नई सांसें मिल गईं।

दक्षिण गुजरात के ग्रामीण अंचल और श्रीमद् राजचंद्र हॉस्पिटल के इतिहास में यह पहला ऑर्गन डोनेशन था। आमतौर पर ब्रेन डेड की पहचान, कानूनी औपचारिकताएं और अंगों को सुरक्षित एयरलिफ्ट करने जैसी जटिल प्रक्रियाएं महानगरों के बड़े अस्पतालों तक सीमित रहती हैं। अस्पताल प्रशासन ने अतुलभाई को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी और उनके परिवार का आभार जताया।
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जिस दमन एयरपोर्ट से यह दिल रवाना हुआ, वहां हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमो एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया है। बेहतर एयर कनेक्टिविटी की वजह से भविष्य में भी ऐसे आपातकालीन मामलों में तेजी से जीवन बचाना संभव हो सकेगा।

पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी की प्रेरणा से संचालित 250 बेड का यह चैरिटेबल अस्पताल 500 से ज्यादा गांवों के लिए जीवनरेखा है। संस्था 2016 से अंगदान जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन ग्रामीण परिवेश में पारंपरिक मान्यताओं को पीछे छोड़कर किसी अपने के अंगदान का फैसला लेना वाकई असाधारण है। अतुलभाई अब दुनिया में नहीं हैं, पर उनका दिल किसी और के सीने में धड़क रहा है और दोनों किडनियां दो जिंदगियों को सहारा दे रही हैं।
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