जिले में 2.70 लाख एकड़ में खड़ी निरोगी सरसों की फसल को देखकर इस बार जिला के किसानों एवं कृषि विशेषज्ञों को औसत पैदावार में 5 से 7 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। प्रदेश के रेवाड़ी जिला को छोड़ दें तो महेंद्रगढ़ सरसों उत्पादन में अव्वल जिला है। रेवाड़ी व महेंद्रगढ़ जिला की सरसों की गुणवत्ता भी प्रदेशभर में सबसे अव्वल मानी जाती है। वहीं हर बार इस बार नवंबर से जनवरी माह तक 3 बार हुई अच्छी बारिश व फिलहाल निरोगी फसल की स्थिति को देखते हुए किसान एवं विशेषज्ञ भी 5 से 7 प्रतिशत उत्पादन वृद्धि का अनुमान लगा रहे हैं। इस समय जिला में सरसों की फसल पकाव की ओर अग्रसर है आगामी 20 दिनों में पककर तैयार हो जाएगी।
75 हजार एकड़ में गेहूं की स्थिति है बेहतर:
किसानों एवं कृषि विशेषज्ञों की मानें तो इस बार समय-समय पर तीन बारिशों के बाद से दोनों की फसलें काफी अच्छी स्थिति में हैं। सबसे बड़ी राहत की बात है कि इस बार मौसम परिवर्तनशील होने के बावजूद भी दोनों ही फसलें निरोगी हैं।
रेवाड़ी को टक्कर दे रहा जिला
प्रदेशभर में सरसों उत्पादन की बात करें तो जिला रेवाड़ी का पहला स्थान रहा है लेकिन महेंद्रगढ़ जिला लगातार रेवाड़ी जिला को टक्कर देता है। महेंद्रगढ़ में नहरी पानी का अभाव एवं जल स्तर अधिक गहराई पर होने के बावजूद भी प्रदेश में दूसरा स्थान रहा है। जबकि नांगल चौधरी, नारनौल, सतनाली क्षेत्र में भूमिगत जल स्तर काफी गहराई पर है और इन क्षेत्रों में अधिकांश कृषि भूमि सिंचाई के अभाव में उत्पादन भी प्रभावित करती है।
यह है जिला की सरसों की गुणवत्ता
जिला में औसत पैदावार की बात करें तो प्रतिवर्ष 7 से 8 क्विंटल प्रति एकड़ तक पैदावार होती है। यदि किसी वर्ष मौसम अच्छा रहता है तो यह उत्पादन 9 से 10 क्विंटल तक भी बढ़ सकता है। वहीं गुणवत्ता के हिसाब से महेंद्रगढ़ क्षेत्र प्रदेशभर में अव्वल स्थान पर रहा है। यहां की सरसों में तेल की मात्रा भी 38 से 40 प्रतिशत तक रहती है जो तेल उत्पादन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिला में 2.70 लाख एकड़ में यदि 8 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से औसत पैदावार होती है तो इस बार 21 लाख 60 हजार क्विंटल सरसों का उत्पादन होगा। इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद
जिला के किसानों ने डीएपी व यूरिया खाद के लिए काफी परेशानी झेली है। यदि समय पर किसानों को खाद उपलब्ध होती तो यह उत्पादन 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता था। लेकिन समय पर हुई बारिश व फसलों के लिए मौसम अनुकूल रहने से अब तक क्षेत्र की प्रमुख फसल सरसों काफी अच्छी स्थिति में है। क्षेत्र में औसत पैदावार प्रति एकड़ 7 से 8 क्विंटल तक रहती है। इस बार इसमें 5 से 7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है।
- दलवीर सिंह, किसान, अगिहार।
जिला में इस बार समय-समय पर हुई अच्छी बारिश एवं निरोगी सरसों की फसल के चलते इस बार औसत उत्पादन में भी 5 से 7 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। सरसों की फसल पकाई की ओर से अग्रसर है तथा गेहूं की फसल भी काफी अच्छी स्थिति में है।
-डॉ. वजीर सिंह, जिला उप कृषि निदेशक।