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Mahendragarh-Narnaul News: नारनौल जिले में हर 19वां बच्चा एनीमिया का शिकार

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नारनौल। अगर आपका बच्चा खेलने कूदने की उम्र में थका-थका सा रहता है तो समझ जाएं कि उसमें खून की कमी है। खून की कमी से बच्चे के चेहरे पर रौनक गायब हो जाती है। इसके साथ ही कोई भी काम करने में मन नहीं लगता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जनवरी से जुलाई तक जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी व सरकारी स्कूलों में बच्चों की स्क्रीनिंग की गई थी, जिसमें एनीमिया व दांतों की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिली। अगर जिले की बात करें तो हर 19वां बच्चा एनीमिया से ग्रस्त मिला। जिले में जनवरी से जुलाई तक 41,545 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 2570 बच्चों में खून की कमी मिली है। इसी प्रकार 2570 बच्चों के दांतों में दिक्कत मिली।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के तहत लगातार जिले में आंगनबाड़ी व सरकारी स्कूलों में जांच की जा रही है। एक से पांच साल के आयु वर्ग के बच्चों में 14 से 15 ग्राम खून होना चाहिए जबकि किसी बच्चे में सात ग्राम तो किसी बच्चे में छह ग्राम तक खून मिल रहा है। इससे बच्चे का समय पर शारीरिक विकास नहीं हो पाता है, जिन बच्चों में एनीमिया की समस्या मिलती है, उसके बाद विभाग की तरफ से आयरन की गोली भी वितरित की जाती हैं। यही नहीं उन्हें हायर सेंटर रेफर कर पूरा इलाज भी करवाया जा रहा है।


नांगल सिरोही में हर चौथा बच्चा एनीमिया से ग्रस्त


राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के तहत जिले में की गई स्क्रीनिंग में चौकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जनवरी से जुलाई तक नांगल सिरोही में आंगनबाड़ी व सरकारी स्कूल के 2062 छात्रों की स्क्रीनिंग की गई थी। इसमें से 506 बच्चे ऐसे मिले, जिनमें खून की कमी थी। इतना ही नहीं इस जांच में 71 बच्चों के दांतों की समस्या भी सामने आई। ऐसा ही हाल सतनाली क्षेत्र में पाया गया। सतनाली में 4421 छात्रों में से 685 बच्चों में एनीमिया की समस्या मिली।
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एनीमिया की समस्या से बचने के लिए इनका करें नियमित सेवन


बच्चों को हरी सब्जियों का नियमित सेवन करवाएं।

मौसम के अनुसार बच्चों को फल खिलाएं।

बच्चों को जितना हो सके फास्ट फूड देने से बचें।

खून की कमी मिलने पर आयरन गोली खिलाएं।


एनीमिया के लक्षण


अगर आपका बच्चा भागदौड़ भाग करने पर हांफने लगता है। सांस लेने में कठिनाई होती है तो उसे एनीमिया की समस्या हो सकती है। इसके साथ बच्चे की त्वचा का पीला पड़ना, आलस का अनुभव, थकान और कमजोरी रहना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। लंबे समय तक आयरन की कमी से बच्चे में एकाग्रता की कमी, पढ़ाई में मन नहीं लगना जैसी समस्याओं का भी सामना कर पड़ सकता है।




वर्जन


जनवरी से जुलाई तक 41,545 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई थी। इसमें 2194 बच्चों में एनीमिया की समस्या मिली है। वहीं 2570 बच्चों में दांतों की समस्या मिली। विभाग की ओर से आयरन व अन्य प्रकार की गोली समय-समय पर वितरित की जाती है।



मीरा यादव, जिला कोऑर्डिनेटर, आरबीएसके नारनौल।




जिले में एनिमिया व दांत रोग के मरीज

ब्लॉक स्क्रीनिंग एनिमिया दंत

नारनौल 5089 147 285

नांगल सिरोही 2064 506 71

महेंद्रगढ़ 5074 129 436

सतनाली 4421 685 335


सेहलंग 4385 80 84


कनीना 5371 264 365

अटेली 5592 103 357

दोचाना 4257 262 328 नांगल चौधरी 5292 18 309
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