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Mahendragarh-Narnaul News: महर्षि च्यवन ऋषि मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शुरू होने के 8 माह बाद भी दवाओं का टोटा

Wed, 14 Jan 2026 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो नंबर- 07मेडिकल कॉलेज में रक्त का सैंपल लेते ​लैब टेक्नीशियन। संवाद
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नारनौल। महर्षि च्यवन ऋषि मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शुरू होने के 8 माह बाद भी दवाओं की कमी बनी हुई है। अभी तक अल्ट्रासाउंड, एक्सरे सहित अन्य जांच शुरू नहीं हो पाई है। इससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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खांसी की सिरप और जोड़ों पर मालिश करने जैसी सामान्य दवाएं भी मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध नहीं है। इसके कारण मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही है।
मरीजों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने से क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधा की उम्मीद बनी है। इसलिए मेडिकल कॉलेज में जल्द से जल्द सभी जांच व दवाओं सहित अन्य सुविधाएं शुरू होनी चाहिए ताकि आमजन को बेहतर उपचार मिल सकें।

मेडिकल कॉलेज में अभी 11 ओपीडी संचालित है। वहीं प्रतिदिन औसतन करीब 150 से 170 मरीज उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज आ रहे हैं। कॉलेज में सर्जरी, हड्डी रोग, नाक-कान-गला रोग, नेत्र रोग, मनोरोग, मेडिसन, टीबी व श्वसन रोग, बाल रोग, त्वचा रोग, दंत रोग और गायनी सहित कुल 11 ओपीडी संचालित है।
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मेडिकल कॉलेज में हो रही हैं ये जांच
मेडिकल कॉलेज में ओपीडी के अलावा लैब जांच भी की जा रही है। जिसमें रक्त, यूरिन, रक्त शर्करा, किडनी फंक्शन, लीवर फंक्शन, कोलेस्ट्रॉल, एचआईवी, हेपेटाइटिस, टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया की जांच शामिल है।

आंख और जोड़ों में दर्द की समस्या थी और उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज आई थी। आंखों की दवा तो मिल गई लेकिन जोड़ों के दर्द की दवा नहीं मिल पाई। सरकार से अपील है कि दवा व अन्य जांच सहित सभी सुविधाएं शुरू की जाए।-सुमित्रा देवी, गांव-कोरियावास
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गैस की समस्या के कारण पेट में दर्द रहता है। जिसके उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज आया था। चिकित्सक ने तीन दवाई लिखी थी, जिसमें से दो दवा तो मिल गई। लेकिन एक मुख्य दवा मुझे बाहर से खरीदनी पड़ी। -रोहताश, मोहल्ला-माली टिब्बा
वर्जन :
प्रतिदिन ओपीडी की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है और हमारा प्रयास है कि मरीजों को बेहतर उपचार मिले। दवाओं के लिए मांग भेजी गई है। अल्ट्रासाउंड व एक्सरे सहित अन्य जांच को शुरू करने का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही सभी जांच शुरू की जाएगी ताकि आमजन को बेहतर उपचार मिल सकें। -विजेंद्र सिंह ढिल्लो, डायरेक्टर, महर्षि च्यवन ऋषि मेडिकल कॉलेज, नारनौल।
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