फोटो 8अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते कर्मचारी। स्रोत: प्रवक्ता
नारनौल। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर परिषद नारनौल के कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी झाड़ू प्रदर्शन कर मांगों को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शन की अध्यक्षता इकाई प्रधान भूपेंद्र सारवान ने की। इसमें सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ अग्निशमन विभाग के कर्मचारी भी शामिल रहे।
प्रदर्शन के दौरान सर्व कर्मचारी संघ के राज्य सचिव महेंद्र बोयत, जिला प्रधान कौशल यादव और अग्निशमन विभाग के इकाई प्रधान गुरदयाल सिंह भी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
इकाई प्रधान भूपेंद्र सारवान ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को स्थायी किया जाए और अग्निशमन विभाग के साथियों को न्याय मिले। उन्होंने मांग उठाई कि शहीद कर्मचारियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता, सरकारी नौकरी और शहीद का दर्जा दिया जाए। साथ ही 10 नवंबर 2022 को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुए समझौते को लागू करने की भी मांग की।
कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन 27 हजार रुपये करने और सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों को लागू करने की भी बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पत्र और आंदोलन के बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष है।
चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस मौके पर महेंद्र सेंगलिया, राहुल सारवान, महावीर प्रसाद, भीम सिंह, जसवंत कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।