महेंद्रगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 29वीं बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, नवीन कृषि तकनीकों को खेतों तक पहुंचाने और कृषि अनुसंधान व विस्तार गतिविधियों में बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने किसान प्रशिक्षण, खेत स्तर पर तकनीकी प्रदर्शन, प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। साथ ही विभिन्न परियोजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभाव का आकलन करने का सुझाव दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता डॉ. नरेश कौशिक, विस्तार शिक्षा निदेशक, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने की। डॉ. जयप्रकाश मिश्र, निदेशक, कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन द्वितीय, जोधपुर ऑनलाइन जुड़े। डॉ. सुनील कुमार ढांडा, सह-निदेशक, कृषि सलाह सेवा, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, डॉ. धर्मबीर यादव, क्षेत्रीय निदेशक, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बावल, रेवाड़ी और कृषि महाविद्यालय बावल के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत केंद्र परिसर में पौधरोपण से हुई। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, बागवानी, मछली पालन, वन विभाग, लीड बैंक, भूमि सुधार, पशुपालन, सामाजिक सुरक्षा और नाबार्ड के अधिकारियों के साथ प्रगतिशील व महिला किसानों ने भाग लिया।
केंद्र के संयोजक डॉ. नरेश कुमार यादव ने पिछली बैठक के निर्णयों पर की गई कार्रवाई प्रस्तुत की। वैज्ञानिकों डॉ. अशोक कुमार, डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. राजपाल यादव, डॉ. आशीष शिवरान और डॉ. पूनम ने पिछले एक वर्ष की प्रगति रिपोर्ट और वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना प्रस्तुत की।