जमीनी प्रचार के खर्चे और गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही चुनाव आयोग प्रत्याशियों के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर भी नजर रखेगा। इसमें केबल के चैनल पर प्रत्याशियों की उपस्थिति के साथ ही सोशल साइट्स पर कहां किस प्रत्याशी के पक्ष में क्या हो रहा है सब पर नजर रखी जाएगी।
प्रशासन के आदेश के बाद इसके लिए विशेष रूप से वीडियो व्यूविंग टीम का गठन किया गया है। यह टीम राजनीतिक पार्टियों और दलों को चुनाव-प्रचार के लिए लोकल केबल व सोशल नेटवर्किंग साइटों पर वीडियो सीडी प्रसारित करने की अनुमति देने से पूर्व इसके मैटर को अच्छे ढंग से रीड करेगी जिससे कोई भी ऐसी चीज केबल के माध्यम से टीवी या सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक न पहुंचे जिससे लोग भ्रमित हों या आचार संहिता का उल्लंघन हो। उसके बाद ही सीडी चलाने की अनुमति दी जाएगी। विधानसभा चुनाव में मतदान प्रक्रिया के दौरान सभी बूथों पर वीडियोग्राफी करवाई जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधियों को रिकार्ड किया जा सके।
फ्लाइंग स्क्वॉयड करेगा औचक निरीक्षण
आदर्श आचार संहिता का पालन कराने के लिए गठित फ्लाइंग स्क्वॉयड किसी भी स्थल पर औचक निरीक्षण करने के लिए स्वतंत्र होगा। इसकी जिम्मेदारी होगी कि कोई उम्मीदवार या पार्टी बिना अनुमति के जनसभा, रैली, जुलूस या रोड शो तो नहीं कर रही हैं। टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे राजनीतिक पार्टियों व दलों की जनसभाओं, रैलियों, जुलूस, रोड शो के खर्च का पूरा ब्यौरा रखें जिसमें जलपान, पंडाल, मंच, कुर्सी, फूल-मालाओं, गाड़ियों इत्यादि का खर्चे पर भी पूरी नजर रख इसे लिखित रूप से रिकॉर्ड में शामिल करें।
अलग-अलग रंग की पर्चियों से होगी पहचान
जिला निर्वाचन अधिकारी आरसी वर्मा ने बताया कि तीनों विधानसभा क्षेत्र में गाड़ियों की पहचान के लिए अलग-अलग स्टीकर छपवाए गए हैं। रेवाड़ी विधानसभा की गाड़ियों के लिए लाल, बावल के लिए नीला और कोसली विधान सभा के लिए हरे रंग के स्टीकर छपवाए गए हैं।