गांव मेघोत बींजा में रविवार को रास्ते में लटकते बिजली के तारों से टाटा 407 गाड़ी में करंट आ गया। इस हादसे में एक एनजीओ कर्मचारी की मौके पर मौत हो गई। घटना शाम करीब सवा तीन बजे की है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर घटनास्थल पर लटकते बिजली के तारों का निरीक्षण किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल नारनौल भिजवाया। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ रोष बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक एनजीओ की ओर मेघोत बींजा गांव में सफाई अभियान चलाया हुआ था। रविवार को एनजीओ के चार कर्मचारी टाटा 407 में साइन बोर्ड रखकर गांव में लगाने जा रहे थे। रास्ते में हाई वोल्टेज लाइन के तार नीचे लटके होने से साइन बोर्ड बिजली के तारों में उलझ गया। इससे टाटा गाड़ी में करंट दौड़ गया। साइन बोर्ड को बिजली के तारों में उलझा देख कर्मचारी भी गाड़ी से नीचे उतर आए, लेकिन इसी दौरान एक कर्मचारी शेर सिंह का हाथ टाटा गाड़ी को छू गया। जिससे वह करंट की चपेट में आ गया। इस पर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अन्य कर्मचारियों के मदद की गुहार पर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की सूचना बिजली विभाग और पुलिस को दी। मौके पर पहुंची नांगल चौधरी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर बिजली लाइन का निरीक्षण किया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए नारनौल सिविल अस्पताल पहुंचाया। ग्रामीणों ने बताया कि लटकते बिजली के तारों के बारे में वे कई बार निगम कर्मचारियों को सूचित कर चुके हैं, लेकिन निगम तारों को दुरुस्त करवाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।