नारनौल। दीपावली के बाद से अचानक ठंड बढ़ गई है। रात्रि का तापमान भी गिरकर 10 डिग्री के आस-पास पहुंच गया है। इसके अलावा दिन का तापमान भी सामान्य से 5 डिग्री कम बना हुआ है। इस कारण लोगों को सुबह व सायं के समय ठंड का अहसास होने लगा है। वहीं मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। इससे ठंड और बढ़ेगी। यह ठंड फसलों के लिए काफी लाभदायक मानी जा रही है।
मौसम विशेषज्ञ और पर्यावरणविद् डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में हिमालय की तरफ से चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण संपूर्ण मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इस वजह से संपूर्ण इलाके में ठंड अपने रंग दिखाने लगी है। आमजन को नवंबर की शुरुआत में केवल सुबह के समय गुलाबी ठंड का अहसास हो रहा था, लेकिन 3-4 दिनों ने अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान में भी गिरावट की जा रही है। इससे लोगों को अच्छी खासी ठंड का अहसास होने लगा है। शुक्रवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं वीरवार को अधिकतम तापमान 25 तथा न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि इस प्रकार दिन और रात के तापमान में एक-एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं दीपावली से पूर्व क्षेत्र का अधिकतम तापमान में 30 डिग्री व न्यूनतम तापमान भी 16 डिग्री के आस-पास चल रहा था, मगर दीपावली के बाद से दोनों ही तापमान में 5 डिग्री की गिरावट आई है। इससे ठंड पहले के मुकाबले अधिक बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों की माने तो यह ठंड फसलों के लिए काफी लाभदायक है। जिले में मुख्य रूप से गेहूं, सरसों व चने की फसल की बिजाई की हुई है। ठंड बढ़ने से फसलों को ग्रोथ मिलेगी।
वायु गुणवत्ता सूचकांक में हुआ सुधार
जिलावासियों को वायु प्रदूषण से हल्की राहत मिली है। शुक्रवार को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों अनुसार सुबह से शाम के दौरान 300-317 के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक रहा। शुक्रवार सायं 6 बजे नारनौल का वायु गुणवत्ता सूचकांक 307 रहा। मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि पूर्वी हवा चलने से आंशिक राहत मिली है। परंतु जिला महेंद्रगढ़ अभी भी बहुत खराब स्थिति में है। वीरवार को नारनौल का वायु गुणवत्ता सूचकांक 450-479 तक पहुंच गया था, जो गंभीर से गंभीर स्थिति में था।
19, 21 व 25 को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना
19, 21, 25 नवंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हवाओं की दिशा और दशा में परिवर्तन होने से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इसकी वजह से संपूर्ण इलाके में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। जिसकी वजह से जहरीली गैसों और हवाओं से आमजन को राहत मिलने की संभावना है।