हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंविवि) जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में परास्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय होगा। इस पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए काम शुरू कर दिया है। जल्द ही विश्वविद्यालय में इस संबंध में नए पाठ्यक्रम को अधिसूचित करेगा। ये जानकारी कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ ने दी।
हकेंवि में भारतीय जीवाणुतत्ववेत्त संगठन (एएमआई) के 60वें वार्षिक सम्मेलन व सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी पर आधारित चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का सोमवार को समापन हो गया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए दी प्रो. कुहाड़ ने कहा चार दिनों के इस आयोजन में 12 देशों सहित देशभर के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 600 प्रतिभागियों से ऊर्जा, पर्यावरण, कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जारी अपने शोध कार्यों पर चर्चा की । उससे मानव जाति को होने वाले लाभ से अवगत कराया। उपमुख्यमंत्री की ओर से सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर जलवायु परिवर्तन पर पाठ्यक्रम शुरू करने के आग्रह को भी जल्द ही पूरा करने का भरोसा दिया।
समापन सत्र में मुख्य अतिथि फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, यूएसए के वरिष्ठ रिसर्च माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. बेन डी. टॉल ने कहा कि यहां विषय से आधारित शोध व चर्चा से स्पष्ट है कि पर्यावरणीय चुनौतियों को लेकर विश्वभर में वैज्ञानिक किस तरह से कार्यरत हैं। युवा वैज्ञानिकों के उत्साह और उनकी ऊर्जा का उल्लेख करते हुए कहा कि मुझे भरोसा है कि आप अपने इस जोश को विज्ञान के माध्यम से मानव कल्याण में लगायेंगे। एएमआई के अध्यक्ष प्रो. जेएस विर्दी ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से ऊर्जा, पर्यावरण, कृषि व स्वास्थ्य के क्षेत्र में जारी शोध कार्यों को एक नई दिशा मिलेगी।
इससे पूर्व अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. सुरेंद्र सिंह ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो. सतीश कुमार ने इस आयोजन के संदर्भ में सभागार में मौजूद प्रतिभागियों को यहाँ हुई चर्चा के सार से अवगत कराया। विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. गुंजन गोयल ने सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस आयोजन में करीब 600 प्रतिभागियों व विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। 12 देशों से आए विशेषज्ञ इस आयोजन में शामिल हुए और अपने शोध कार्यों से अवगत कराया। आयोजन के दौरान 15 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए । कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव डॉ. जितेंद्र कुमार सैनी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस मौके पर एएमआई के महासचिव डॉ. प्रत्युष शुक्ला सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्रभारी, शिक्षकगण, शोधार्थी, विद्यार्थी व एएमआई 2019 में शामिल हुए प्रतिभागी व विशेषज्ञ उपस्थित रहे।