नगर परिषद शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने में जुट गई है। प्रोजेक्ट को सरकार से स्वीकृत मिल चुकी है। बीच में विधानसभा चुनाव के कारण तकनीकी अनुमति नहीं मिल सकी थी। चुनाव बीतने के बाद अब प्रोजेक्ट पर नप ने कार्य तेज कर दिया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 2.65 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
बता दें कि शहर में अभी कूड़ा प्रबंधन को लेकर बेहतर इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में लोग कूड़े को मनमर्जी से इधर- उधर फेंक देते हैं। इससे शहर में जगह-जगह गंदगी बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखकर अब नप ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की योजना बनाई है। इसके तहत वार्ड वाइज गाड़ियों को लगाया जाएगा, ताकि कूड़े के उठान में परेशानी न हो। शहर में प्रमुख जगहों पर कूड़ा सेंटर बनाए जाएंगे, जिससे वार्ड वाइज कूड़े को लिफ्ट किया जा सके। इन जगहों से कूड़े को रघुनाथपुरा ले जाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 2.65 करोड़ रुपये खर्च आएगा। नप की चेयरपर्सन भारती सैनी ने कहा कि इसके लिए विभाग से स्वीकृत मिल गई है। उन्होंने बताया कि बीच में विधानसभा चुनाव होने के कारण कार्य रुक गया था। उन्होंने बताया कि टेक्निकल मंजूरी के बाद टेंडर लगाया गया है। योजना के अनुसार निजी कंपनी के सहयोग से प्रोजेक्ट को लागू किया जाएगा। इसके शुरू होने से लोगों के घर से कूड़े को उठाया जा सकेगा। इसके साथ ही सूखे- गीले कूड़े को भी अलग करने की योजना है। हालांकि नप ने शहर के प्रमुख जगहों पर 30 डस्टबिन रखवाया हुआ है। लेकिन, लोग डस्टबिन में कूड़ा न डालकर बाहर फेंक देते हैं। इससे इसमें पशु मुंह मारते रहते हैं।
सेक्टर में लागू
नप ने करीब छह माह पहले सेक्टर एक व कुछ कॉलोनियों में डोर- टू- डोर कूड़ा उठान की योजना शुरू की थी। अब नप इसे सभी वार्डों में लागू करने की योजना पर काम कर रही है। घरों तक वाहन पहुंचने से लोग बाहर कूड़ा नहीं फेंक पाएंगे। दूसरे घर से सूखा व गीला कूड़ा अलग करने में मदद मिलेगी। योजना के अनुसार कंपनी को इस कार्य के लिए करीब 20 वाहनों की जरूरत होगी। इसके अलावा डंपर और अन्य साधन भी होंगे।
सफाई में जुटी नगर परिषद
दीपावली के बाद शहर में सफाई में नप जुट गई है। दूसरे दिन भी नप ने सभी प्रमुख जगहों से डस्टबिन की लिफ्टिंग की। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों की मदद से मेन सड़कों के साथ मोहल्लों की सफाई कराई जा रही है। नप के सफाई निरीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि सोमवार को काफी हद तक कूड़े का उठान हो चुका था। उन्होंने बताया कि टीमें लगातार सफाई में जुटी हुई हैं।
स्वच्छता सेवा सप्ताह में रहा था फिसड्डी
स्वच्छ भारत अभियान के तहत 11 सितंबर से दो अक्तूबर तक स्वच्छता सेवा सप्ताह का आयोजन हुआ था। इस दौरान विशेष सफाई अभियान व जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए थे। इसके बाद ऑल इंडिया स्तर पर नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिका की रैंकिंग निकाली गई। इसमें अटेली नपा 1332 वीं रैंक, कनीना 1354, नांगल चौधरी 1578, महेंद्रगढ़ 1787 व नारनौल नप को 1946 वीं रैंक मिली है। जिले में सबसे अधिक खराब प्रदर्शन नारनौल का था। इस दौरान सफाई और सिंगल पॉलिथीन पर नप को कार्य करना था। लेकिन, अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। नप के पास संसाधनों की कमी के कारण भी कार्य प्रभावित होता है।
वर्जन :::
प्रोजेक्ट के लिए विभाग से स्वीकृत मिल गई है। बीच में विधानसभा चुनाव होने के कारण कार्य रुक गया था। अब टेक्निकल मंजूरी के बाद टेंडर लगाया गया है। योजना के अनुसार निजी कंपनी के सहयोग से प्रोजेक्ट को लागू किया जाएगा। इसके शुरू होने से लोगों के घर से कूड़े को उठाया जा सकेगा।
भारती सैनी, चेयरपर्सन, नप।