नारनौल। मांगों को लेकर नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। हड़ताल से त्योहरी सीजन में शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। शहर के मोहल्लों व बाजारों में जगह-जगह कूड़े ढेर लगे हैं। मगर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद न सरकार और न ही प्रशासन ने शहर की सफाई की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है। वहीं सफाई कर्मचारियों ने सरकार द्वारा मांगें नहीं मानने पर हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने की चेतावनी दी है।
कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि कर्मचारी पांच दिन से हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को लेकर उदासीन रवैया अपनाई है। प्रधान ने बताया कि यूनियन ने पहले भी अपनी मांगों को लेकर धरना, प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद सरकार ने मांगों की ओर गौर नहीं किया है। पहले जब वे हड़ताल पर बैठे थे तो सरकार व प्रशासन द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांगें पूरी कर दी जाएंगी। मगर उनकी मांगें अभी तक लंबित हैं। करोना काल में जिन साथियों की काम करते समय मृत्यु हो गई थी उनके परिवार को 50 लाख मुआवजा तथा एक सरकारी नौकरी दी जाए। कच्चे कर्मचारियों को पक्के कर्मचारियों का दर्जा दिया जाए।