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कोरोना संक्रमण बढ़ने से यात्रियों की संख्या में आई कमी

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रेलवे स्टेशन। - फोटो : Narnol
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कोरोना संक्रमण के बढ़ते खौफ के बीच ट्रेनों व रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या घटने लगी है। यात्री आवश्यक कार्य होने पर ही सफर कर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में रोज दो हजार से अधिक यात्रियों की संख्या में अंतर आया है। सबसे ज्यादा दिल्ली जाने वाली ट्रेनों व बसों पर असर पड़ा है। यात्रियों की संख्या कम होने से रेवेन्यू पर भी खासा असर हुआ है। यात्रियों की संख्या कम होने से रोडवेज का लगभग दो लाख से अधिक एवं रेलवे का 10 से 20 हजार रेवेन्यू प्रभावित हुआ है। सप्ताह में तीन दिन शुक्रवार, शनिवार, रविवार को तो चार से पांच लाख रुपये का राजस्व प्रभावित रहता है। बसें खाली आती हैं। व्यापारियों ने दिल्ली, जयपुर तथा अन्य बाहरी स्थानों पर जाना कम कर दिया है। हालांकि रेलवे अधिकारी यात्रियों कमी कोविड न मानकर मल मास का मान रहे हैं। मल माह की वजह से शादियां बंद चल रही हैं जिससे यात्रियों की संख्या प्रभावित हुई है।
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बता दें कि पूरे देश में कोरोना केस बढ़ते जा रहे हैं। प्रतिदिन दो लाख से अधिक कोरोना संक्रमित केस आने लगे हैं। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लोगों ने आवाजाही कम कर दी है। रोडवेज डिपो की ओर से दिल्ली, जयपुर, अजमेर, चंडीगढ़, रोहतक, गुरुग्राम सहित अन्य स्थानों की लंबे रूटों की बसें चलाई जा रही हैं। परंतु बसों में यात्रियों की संख्या पहले से कम हो गई हैं। कोरोना संक्रमण बढ़ने की वजह शिक्षण स्थान बंद हो गए हैं। ऐसे में विद्यार्थी घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। नौकरी पेशा के लिए 50 प्रतिशत स्टाफ कर दिया है। दिल्ली एवं जयपुर में संक्रमण अधिक बढ़ने से व्यापारियों ने जाना बंद कर दिया है। इस वजह से यात्रियों की संख्या कम हो गई है। दिसंबर माह में रोडवेज बस का 12 से 13 लाख रुपये प्रतिदिन रेवेन्यूू मिलता था लेकिन अब यह रेवेन्यू 10 से 11 लाख रुपये प्रतिदिन रह गया है। लगभग पांच जनवरी से यात्रियों की संख्या में कमी आई है। इस वजह से पिछले एक सप्ताह में लगभग 15 लाख रुपये रेवेन्यू प्रभावित हो गया है।
10 से 15 हजार रुपये का रेवेन्यूू हुआ प्रभावित
गाड़ियों में भी लोगों ने यात्रा करना कम कर दिया है। नारनौल रेलवे ट्रेक पर लगभग 16 गाड़ियों का आवागमन होता है। इनमें दस गाड़ियां प्रतिदिन तथा छह गाड़ियां साप्ताहिक चल रही हैं। अभी तक इस ट्रेक पर सभी गाड़ियां चल रही हैं। रेवेन्यू पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ा है। पिछले महीने औसत लगभग 60 हजार रुपये प्रतिदिन का रेवेन्यू आ रहा था लेकिन अब 45 से 50 हजार रुपये का रेवेन्यू आ रहा है। स्टेशन अधीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि कोविड से यात्रा प्रभावित नहीं हुई। मल माह की वजह से शादियां नहीं हो रही इस वजह से यह यात्री कम आ रहे हैं। कोविड को देखते हुए रेल प्रशासन के आदेश पर रेलवे स्टेशन पर सामाजिक दूरी के लिए सर्कल बना दिए गए हैं।
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दिसंबर माह में लगभग 12 से 13 लाख रुपये प्रतिदिन औसत का रेवेन्यू आता था लेकिन कोविड की वजह से लगभग दो लाख रुपये प्रतिदिन का रेवेन्यू प्रभावित हुआ है। सप्ताह में तीन दिन शुक्रवार, शनिवार और रविवार को तो लगभग आठ लाख रुपये का रेवेन्यू ही रहता है। - ब्रह्मप्रकाश यादव, डीआई।
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