कनीना। गांव बाघोत में पेयजल संकट को लेकर वीरवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव के जलघर परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और सरकार व जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि तीन वर्षों से गांव में नहर का पानी नहीं पहुंच रहा जिसके चलते पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब दस हजार की आबादी वाले गांव में पानी की सप्लाई पूरी तरह चरमराई हुई है। गर्मी के बीच लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, पशुओं के लिए भी पानी का संकट गहरा गया है। गांव के जलघर में बने पानी के तालाब पूरी तरह सूखे पड़े हैं और नहर से आने वाली पाइपलाइन पिछले लगभग तीन वर्षों से बंद पड़ी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ राजीव व अधीक्षक अभियंता प्रदीप यादव की ओर से अनेक बार समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लगातार अनदेखी से परेशान ग्रामीण सरपंच राजेंद्र सिंह के आह्वान पर जलघर में एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। मौके पर थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह और जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ राजीव भी पहुंचे। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को विभागीय अधिकारियों से बातचीत कर एक सप्ताह के भीतर समस्या समाधान का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना था कि सरकार एक ओर हर घर जल योजना की बात करती है, वहीं दूसरी ओर गांवों में लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।
इस दौरान महावीर पहलवान, महिपाल नंबरदार खंड समिति सदस्य, कैलाश पंच, धर्मबीर पंच, सोमजीत पंच, जयसिंह पंच, हंसराज पंच, जगत पहलवान पंच, रामनारायण पंच, रामचंद्र पंच, फूलसिंह पंच सहित अनेक लोग माैजूद रहे।