नागरिक अस्पताल में जिला रेडक्रॉस समिति ने दिव्यांगों को एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार की सेवाएं देने के उद्देश्य से दिव्यांग पुनर्वास एवं फिजियोथैरेपी केंद्र स्थापित किया है। अब दिव्यांग सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद वहीं कृत्रिम अंग का नाप देकर उसे प्राप्त कर सकते हैं।
उपायुक्त श्याम लाल पूनिया ने बताया कि पहले दिव्यांग पुनर्वास केंद्र पुरानी कचहरी के पास चलाया जा रहा था। दिव्यांगों को पहले सरकारी अस्पताल में दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवा कर पुनर्वास केंद्र तथा बाद में जिला रेडक्रॉस समिति कार्यालय में आना पड़ता था। इससे उनको काफी परेशानी होती थी। अब सरकारी अस्पताल में ही उनको यह सभी सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में स्थापित दिव्यांग पुनर्वास केंद्र सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक खुला रहेगा। इसमें कोई भी दिव्यांग व्यक्ति कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण के लिए अपना पंजीकरण करवा सकता है। उन्होंने आमजन से अनुरोध किया है कि यदि उनके आसपास कोई भी दिव्यांग है और उन्हें बनावटी कृत्रिम हाथ व पांव की आवश्यकता है तो वह अपना पंजीकरण अस्पताल नारनौल में स्थित दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में करवा सकते हैं। जिला के प्रत्येक दिव्यांग को कवर करने के उद्देश्य से जिला रेडक्रॉस समिति नियमित रूप से दिव्यांगों का पंजीकरण कर रही है।