नारनौल। प्रदेश के मुख्य सचिव ने नारनौल में तैनात सभी अधिकारियों को हर मंगलवार को महेंद्रगढ़ में कार्य करने के आदेश जारी करने के बाद जिला मुख्यालय का मामला तूल पकड़ गया है। शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने एक सप्ताह के लिए हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। वहीं नंबरदार एसोसिएशन ने भी अधिवक्ताओं को समर्थन दिया है।
जिला मुख्यालय बचाओ समिति ने प्रेसवार्ता में कहा कि अगर अधिकारी हर मंगलवार को महेंद्रगढ़ में बैठने लग जाएंगे तो जिला मुख्यालय का कार्य प्रभावित हो जाएगा। सरकार ने कहीं पर भी ब्लॉक में प्रशासन को बैठने के आदेश जारी नहीं किए है। अगर ऐसे आदेश सरकार ने जारी किए है तो प्रशासन को महेंद्रगढ़ के अलावा अन्य ब्लॉक कनीना में भी लोगों की समस्या सुनने का निर्देश देना चाहिए। बार प्रधान अशोक यादव ने बताया कि नारनौल में मुख्यालय होने के पुराने रिकॉर्ड हैं। उनका कहना हैं कि इस प्रकार के आदेश संभवत कहीं जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में तो सीएम को भी अपना सचिवालय लेकर जिला स्तर पर लोगों की शिकायत सुननी चाहिए। वकीलों ने कहा कि वे इस फैसले के विरोध में एक सप्ताह तक हड़ताल पर रहेंगे। अधिवक्ताओं के धरने पर बैठ जाने से न्यायालय का कार्य ठप रहा। जिससे लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिवक्ता जिला बचाओ संघर्ष में सैकड़ों लोगों ने समर्थन किया।
सरकार की ओर से जारी एक पत्र कहा गया हैं कि जिला स्तर के सभी अधिकारी प्रत्येक मंगलवार को महेंद्रगढ़ में कार्य करेंगे। इस पत्र का लोग विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह सरकार का यह कदम पूर्णतया अन्याय पूर्ण है और मनमाने तरीके से एक क्षेत्रीय भौगोलिक स्थिति को भेदभाव करते हुए लोगों में वैमनस्य बनाने का कार्य कर रहा है। जिले को बचाने के लिए और जिला मुख्यालय नारनौल नगर में रखने पर संघर्ष में किसी भी सीमा तक जाना पड़ा तो यहां के अधिवक्ता अपने यहां के लोगों के सहयोग से इस संघर्ष को आगे ले जाएंगे।
बार एसोसिएशन का प्रतिनिधि सीएम के राजनीतिक सलाहकार से मिला, मांगा मुख्यालय
महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ एवं कनीना बार एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल सीएम मनोहरलाल के आवास पर उनके राजनीतिक सलाहकार अजय गौड़ से मिला। जिसमें महेंद्रगढ़ में एडीजे कोर्ट तथा हर मंगलवार को जिला स्तरीय अधिकारियों को महेंद्रगढ़ में बैठने के आदेश पर सीएम का आभार जताया। जिला मुख्यालय के लिए बार एसोसिएशन का धरना शुक्रवार को 75वें दिन भी जारी रहा।
बार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को चंडीगढ़ पहुंचा। महेंद्रगढ़ बार एसोसिएशन के प्रधान अजीत यादव, कनीना बार के प्रधान कुलदीप रामबास के नेतृत्व में यह प्रतिनिधि मंडल सीएम मनोहरलाल के राजनीतिक सलाहकार से मिला। जिसमें जिला मुख्यालय की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि एडीजे कोर्ट की स्थापना का लेकर शुरू की गई प्रक्रिया सकारात्मक है। नारनौल में तैनात सभी जिला अधिकारियों को हर मंगलवार को महेंद्रगढ़ में कार्यालय लगाने का आदेश भी सराहनीय है।
दूसरी ओर महेंद्रगढ़ में धरने पर उपस्थित वकीलों ने कहा कि जिला मुख्यालय महेंद्रगढ़ में स्थापित होना हमारा अधिकार है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल महेंद्रगढ़ में जिला मुख्यालय स्थापित करवाए। नारनौल, महेंद्रगढ़ को अलग अलग जिला बनाया जा सकता है। महेंद्रगढ़ में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय स्थापित करने से नारनौल की जनता को कोई नुकसान नहीं है। नारनौल के वकीलों की ओर से किया जा रहा विरोध पूरी तरह से गलत है।