फोटो 21धोलेड़ा गांव में आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति देते कलाकार।संवाद
नारनौल। धोलेड़ा गांव की पंचायत ने तय किया गया कि किसी भी शुभ कार्य में शराब का सेवन नहीं किया जाएगा। वहीं विवाह समारोहों में मेहमानों की संख्या सीमित रखने का निर्णय लिया गया। साथ ही, मृत्यु भोज जैसी कुरीतियों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों से सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया गया।
पंचायत ने यह निर्णय करनाल शौर्य दिवस की याद में राव बालकिशन सिंह के बलिदान दिवस पर लिया। अहीर रेजिमेंट संघर्ष समिति के सदस्यों ने वीर सपूतों को नमन करते हुए उनकी वीरता को याद किया।
इस मौके पर समिति के सदस्य राव अजीत सिंह ने कहा कि वर्ष 1739 में वीर भूमि अहीरवाल के लगभग 5000 योद्धा राव बालकिशन सिंह के नेतृत्व में मातृभूमि की रक्षा करते हुए बलिदान हुए थे। उनके त्याग और शौर्य को याद रखने के लिए हर वर्ष अहीरवाल के अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि करनाल युद्ध के शौर्य को स्मरण कर वीरो को श्रद्धांजलि देना, गुणावल खाप के गठन के लिए पंचायत तथा अहीर रेजिमेंट के समर्थन में जन-जागरण अभियान पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर रिटायर्ड जज राकेश यादव ने कहा कि खाप गठन का निर्णय अहीर रेजिमेंट आंदोलन को मजबूत करेगा और इससे आम समाज का समर्थन बढ़ेगा।