कनीना। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग-बाघोत के बीच कट की मांग को लेकर धरना 310वें दिन भी रहा। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता कर रहे नरेंद्र कुमार शास्त्री छिथरौली ने बताया कि धरना स्थल के स्थायी सदस्य पंडित गौरी शंकर बाघोत का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। सोमवार को धरना स्थल पर बैठे हुए थे, अचानक से उनकी छाती में दर्द हुआ और धरना स्थल पर बैठे लोगों ने उन्हें सेहलंग के निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया, जहां पर उनका निधन हो गया।
पंडित गौरी शंकर का धरना संघर्ष समिति में बहुत बड़ा योगदान रहा है। ज्यादा से ज्यादा समय देकर उन्होंने तन-मन-धन से धरना कमेटी को सहयोग दिया है। उन्होंने बताया कि सर्दी, धुंध, कोहरा और बीमार होने के बावजूद भी हम अपनी जगह से नहीं हटेंगे, जान देने के लिए भी तैयार हैं। सतपाल और उनके साथ सचिन और दीपक सेहलंग ने बताया कि आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत-सेहलंग के बीच कट बनना जरूरी है और हमारी जरूरत है। धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन ने बताया कि धरने को चलते 310 दिन हो गए हैं। ठंड के कारण धरना स्थल पर बैठे बुजुर्ग किसान बीमार हो रहे हैं। धरने का एक सदस्य पंडित गौरी शंकर कर हृदय गति रुकने से निधन हो गया हैं। हमारी कमेटी के सक्रिय सदस्य थे, उनकी कमी हमें हमेशा सताती रहेगी। इस मौके पर सरपंच हरिओम पोता, डॉ. लक्ष्मण सिंह, पहलवान रणधीर सिंह, पूर्व सरपंच बेड़ा सिंह, पहलवान धर्मपाल, रामकिशन, ठेकेदार शेर सिंह, चेयरमैन सतपाल, सूबेदार हेमराज अत्री, पंडित मनीराम, दाताराम सब इंस्पेक्टर रामकुमार, प्रधान कृष्ण कुमार, पूर्व सरपंच हंस कुमार, रामकिशन व सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।