खेतों में फसल का मुआयना करते उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर।
संवाद न्यूज एजेंसी नारनौल/ महेंद्रगढ़। प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन प्राकृतिक आपदा जैसी हर परिस्थिति में किसानों के साथ है। इस घड़ी में हर संभव सहयोग के प्रयास किए जाएंगे। हाल ही हुई बरसात व ओलावृष्टि के दौरान खराब हुई फसलों का मुआवजा पूरे पारदर्शी तरीके से करवाने के लिए सरकार तकनीक का भी प्रयोग कर रही है। यह बात उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर ने जिला के विभिन्न गांव के खेतों में किसानों के साथ बातचीत के दौरान कही।
उपायुक्त ने मंगलवार को जिले के गांव बुडीन, निंबाहेड़ी, पहाड़वास, अगिहार तथा अकबरपुर आदि कई गांवों के खेतों में जाकर गेहूं तथा चने की फसल का मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने फसल कटाई में लगे किसानों से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे फसलों में हुए नुकसान की सूचना ई क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दें। जिन किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवाया था उनके लिए पोर्टल दोबारा खोला गया है। इस पोर्टल पर पंजीकरण करवाने के बाद किसान ई क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना खराबा की रिपोर्ट दें। उन्होंने बताया कि अब यह दोनों पोर्टल आगामी 10 अप्रैल तक खुले रहेंगे। ऐसे में सभी किसान 10 अप्रैल तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी फसल की खराबा रिपोर्ट की सूचना दें। उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर ने बताया कि अब तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 34620 किसानों ने लगभग 145278 एकड़ फसल में हुए नुकसान की जानकारी दी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित 24 हजार किसानों ने कृषि कार्यालय या पीएमएफबीवाई डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल पर अपने नुकसान की सूचना दी है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी तथा बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि लगातार खेतों में जाकर किसानों द्वारा दी गई सूचना को वेरीफाई कर रहे हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द स्टीक रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए। इस अवसर पर उनके साथ महेंद्रगढ़ के एसडीएम हर्षित कुमार (आइएएस), नायब तहसीलदार महेंद्रगढ़ दयाचंद के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।