नारनौल। कोई भी संस्था या व्यक्ति जब तक सफल नहीं होता तब तक कि उसकी राह में कठिनाइयां न आएं। स्वर्ण पदक विजेता आशीष ने इसी तरह की बाधाओं को झेलते हुए गांव और जिले का नाम रोशन किया है। ये बातें उपायुक्त श्याम लाल पूनिया ने रविवार को खेलो इंडिया कबड्डी प्रतियोगिता के स्वर्ण पदक विजेता आशीष बडेसरा के गांव गहली में पहुंचने पर युवा खेल कमेटी की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में कहीं।
उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यहां के खिलाड़ियों के लिए गांव में कबड्डी के लिए ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी ताकि युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिले। उन्होंने कहा कि मदर डे पर आशीष ने अपनी मां को स्वर्ण पदक के रूप में बड़ा तोहफा दिया है।
इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे उपायुक्त श्याम लाल पूनिया का घीसाराम नंबरदार, सरपंच नरेश कुमार, राजवीर बडेसरा ने पगड़ी पहनाकर सम्मान किया। इस अवसर पर प्रधान विजयपाल, सिकंदर गहली, योगेश, सुरेंद्र सोनी, छोटेलाल, सतवीर बडेसरा, छोटेलाल, नवीन राव, धर्म सिंह, कुलदीप सिंह, अमरजीत, महेंद्र सिंह, छाजू, प्यारेलाल, महीपाल, जगदेव, सतपाल, धर्मपाल, सत्यनारायण, रामफल, उमेद सिंह, मालाराम, शमशेर सिंह, अनिल पहलवान, विनोद, अमित, आशीष, भूपसिंह, सतबीर, अभय सिंह, अजीत सिंह, जिले सिंह व दिलावर सिंह मौजूद रहे।
बता दें कि एक साल पहले आशीष के पिता प्रदीप कुमार का कोरोना के कारण देहांत हो गया था। इस हादसे से उबरते हुए उन्होंने अपने कोच दिलावर से प्रशिक्षण लेते हुए अपना अभ्यास जारी रखा। उनके चाचा तान सिंह व उसकी माता तथा चाची ने आशीष को आगे बढ़ाया उसका सहयोग किया। आशीष ने यह पदक अपने स्वर्गवासी पिता प्रदीप कुमार को समर्पित किया।