महेंद्रगढ़। नगरपालिका प्रधान की शिकायतों पर अब जिला प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। डीसी ने मामले का संज्ञान लेते हुए वीरवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और एक सप्ताह के 16 कार्याें के सैंपल सहित जांच रिपोर्ट शुक्रवार तक पेश करने के आदेश दिए।
इसके साथ ही एसडीएम को सभी बिंदुओं की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वीरवार को उपायुक्त अंजली अनुपमा ने नगरपालिका का निरीक्षण किया। इस दौरान डीसी ने नगरपालिका की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
साफ-सफाई की बदहाल स्थिति, कार्यों में देरी और कई योजनाओं के क्रियान्वयन में खामियाें को लेकर नगरपालिका प्रधान रमेश सैनी की ओर से शिकायत भी की गई। इस पर डीसी ने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्यप्रणाली में तुरंत सुधार लाने के निर्देश दिए।
डीसी ने विशेष रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नगरपालिका कार्यालय में अब तक हेल्प डेस्क स्थापित नहीं किए गए है। उन्होंने इसे आमजन की सुविधा की अनदेखी बताते हुए तुरंत हेल्प डेस्क शुरू करने के आदेश दिए।
बता दें कि नगरपालिका प्रधान रमेश सैनी ने शहर में चल रहे विकास कार्याें में देरी, नियमों की अनदेखी व गुणवत्ता में कमी व भ्रष्टाचार की संभावना को लेकर उपायुक्त, विधायक महेंद्रगढ़ व एसडीएम महेंद्रगढ़ को अवगत कराया था। साथ ही पत्र लिखकर नगरपालिका के अधिकारियों से जवाब भी मांगा था।
छह महीने बाद भी अधूरा काम
अधिकारियों की ओर से जवाब देने में गंभीरता नहीं दिखाई तो प्रधान की ओर से मंगलवार से धरने की चेतावनी दी गई थी। विधायक कंवर सिंह यादव एवं एसडीएम योगेश सैनी ने आश्वासन दिया था। नगर पालिका चेयरमैन रमेश सैनी ने भी निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री के उपयोग के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जो काम एक महीने में पूरा होना चाहिए, वह छह महीने बाद भी अधूरा है।
समस्याओं की अनदेखी का लगाया आरोप
नगरपालिका प्रधान रमेश सैनी ने अपनी शिकायत में निर्माण कार्यों में देरी, गुणवत्ता में कमी और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा था कि बार-बार अवगत कराने के बावजूद संबंधित अधिकारी समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं जिससे शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। डीसी ने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में सफाई का टेंडर जारी हुआ है जिसके तहत कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति, घर-घर आरएफआईडी टैग और कचरा उठाने वाले वाहनों में जीपीएस सिस्टम अनिवार्य किया गया है।
फोटो संख्या:84- नगर पालिका में प्रधान, पार्षदों की बैठक लेती उपायुक्त अनुपमा अंजली--स्रोत- एप