शाम होते ही शहर से गुजरने वाला स्टेट हाईवे अंधेरे में डूब जाता है। करीब 600 मीटर दूरी में बने रिवासा पुल पर दस वर्ष पूर्व लगाई गई स्ट्रीट लाइटें साल दर साल खराब होती गई। पिछले दो सालों से तो स्थिति यह है कि एक भी लाइट नहीं जल रही है तथा शाम होते ही पुल अंधेरे में डूब जाता है। नगरपालिका के जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों की अनदेखी के चलते लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई करीब 20 लाइटें बंद पड़ी हैं। रात के अंधेरे में हाईवे के दोनों ओर बनी करीब 200 दुकानों में भी चोरी की वारदातों को लेकर दुकानदार एवं व्यापारी भी भय के साए में रहने को मजबूर हैं। महेंद्रगढ़-दादरी व नारनौल स्टेट हाईवे पर लगी स्ट्रीट लाइट लंबे समय से बदं पड़ी हैं। रिवासा पुल पर लगी 18 लाइटों को छोड़ दें तो भी शहर से गुजरने वाले स्टेट हाईवे के दोनों और कोई स्ट्रीट लाइट भी नहीं हैं। प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
दुकानदार भी भय के साये में
सर्दी के मौसम में पड़ने वाले कोहरे को ध्यान में रखते हुए हाईवे पर पर्याप्त रोशनी की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में हादसों का भय बना रहता है। स्टेट हाईवे पर रिवासा पुल से रात के समय वाहनों के गुजरने पर कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है।
हाईवे के दोनों ओर पांच बैंक व बड़े शोरूमों सहित हैं चार पेट्रोल पंप
रिवासा पुल से शहर के कैंची मोड़ तक शहर के बीच से गुजरने वाले स्टेट हाईवे के दोनों ओर विभिन्न बैंकों की पांच शाखाएं, चार बाइक शोरूम, मारुति एजेंसी, चार पेट्रोल पंप सहित एक दर्जन बड़े शोरूम व दुकानें हैं। वहीं दोनों और बनी करीब 500 दुकानों के सामने शाम होते ही अंधेरा छा जाता है।
एक ही रात में टूटे थे चार दुकानों के ताले
बता दें कि रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए चोरों द्वारा दो वर्ष पूर्व हाईवे के दौरान ओर स्थित दुकानों में से एक ही रात में चार दुकानों के ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया जा चुका है। इन दुकानों से चोरों द्वारा हजारों रुपये का सामान भी चोरी किया गया था। कोहरे के दिनों में दुकानों से चोरी की वारदात होने की संभावना के चलते दुकानदार भय के साये में रहने को मजबूर है। पहले भी अनेक वारदातों में चोर दुकानों से सामान चोरी कर ले गए हैं।
खराब लाइटों को ठीक करने के लिए कर्मचारियों द्वारा जांच कराई जा चुकी है। ठेकेदार को आदेश जारी कर दिए गए हैं तथा शीघ्र ही लाइटों की मरम्मत कराई जाएगी।
-योगेश कुमार, एमई, नगरपालिका।