हरियाणा के नारनौल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली प्रशासन के साथ मिलकर भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश चंद्र आर्य ने बताया कि 26 अप्रैल को गुप्त सूचना अध्यक्ष जिला समुचित प्राधिकरण नारनौल को मिली कि इस जिले की गर्भवती महिलाओं के भ्रूण लिंग जांच गिरोह नांगलोई एवं दिल्ली के आसपास के क्षेत्र में सक्रिय है।
सूचना पर एक रेडिंग टीम का गठन किया गया। इसमें सदस्य डॉक्टर विजय यादव नोडल ऑफिसर पीएनडीटी, डॉक्टर उमेश कुमार चिकित्सा अधिकारी सीएचसी अटेली और अशोक कुमार डीलिंग क्लर्क कार्यालय सिविल सर्जन नारनौल बनाए गए। भ्रूण लिंग जांच गिरोह के बिचौलिए ने डिकाय पेशेंट को शनिवार सुबह 9 बजे नांगलोई दिल्ली में बुलाया गया था।
उसके बाद डॉ. विजय यादव नोडल अधिकारी पीएनडीटी ने उत्तर पूर्वी दिल्ली के पीएनडीटी नोडल ऑफिसर से फोन पर संपर्क किया। इसके बाद उत्तर पूर्वी दिल्ली की पीएनडीटी टीम भी सक्रिय हो गई। बिचोलिया डिकोय पेशेंट को नांगलोई दिल्ली से एक ऑटो में भजनपुरा क्षेत्र के गांव गढ़ी के गली नंबर-16 के एक मकान में ले गया, जहां पर पहले से उपस्थित अपंजीकृत स्थान पर आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के जावली निवासी कपिल कसाना ने अपंजीकृत प्रोटेवल वाले मशीन से भ्रूण लिंग जांच करके डिकोय पेशेंट के गर्भ में लड़की होना बताया।
उसके बाद नारनौल और उत्तर पूर्वी जिला दिल्ली की संयुक्त पीएनडीटी टीम ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद इस रेड में आरोपी कपिल कसाना से एक प्रोटेवल अल्ट्रासाउंड मशीन, प्रोब, जैली को बरामद किया। इस दौरान नजदीक थाने में आरोपी कपिल कसान, राजेंद्री, राम भतेरी उर्फ लालो निवासी भजनपुरा दिल्ली व सत्येंद्र निवासी नांगलोई दिल्ली के खिलाफ उस क्षेत्र के एसडीएम सारत कुमार सालीमपुर की ओर से थाना भजनपुरा दिल्ली में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट व आईपीसी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करवाया।
पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा
स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम की ओर से मारे गए छापे के संबंध में उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने कहा कि जिला में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन किसी भी सूरत में नहीं होने दी जाएगी। लिंग जांच करना कानूनन अपराध है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त के सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।