फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विष्णु नहीं सर्वेश्वर था दूसरा मृतक

Sat, 26 Dec 2015 11:08 PM IST
महेंद्रगढ़ / नारनौल
विज्ञापन
विज्ञापन
आगरा के फतेहपुर सिकरी में मारे गए दोनों लोगों की पहचान हो गई है। दोनों ही महेंद्रगढ़ के रहने वाले थे। एक की पहचान शुक्रवार को वहां की पुलिस ने की थी, जबकि दूसरे व्यक्ति की पहचान शनिवार को हुई है। वारदात में मारा गया दूसरा आरोपी बवानियां का सर्वेश्वर उर्फ निक्कू बवानियां था। बताया जा रहा है कि निक्कू पर हत्या समेत अनेक मामले दर्ज हैं।
विज्ञापन


आगरा के फतेहपुर सिकरी में गैंगवार के चलते जिला के दो युवकों की मौत हो गई थी। इनमें एक युवक की पहचान शुक्रवार को गांव जासावास के मनोज कुमार के रूप में हो गई थी, जबकि दूसरे युवक के पास मिली आईडी के अनुसार पुलिस उसे संदिग्ध मान रही थी। शनिवार को आगरा पुलिस ने दूसरे मृतक की पहचान भी कर ली। पुलिस रिकार्ड में सर्वेश्वर पर भी कई मामले दर्ज हैं। उक्त युवक को डा. कुलदीप गैंग का सदस्य है। इस पर सदर थाना नारनौल में 26 मार्च 2015 को हत्या का मुकदमा नंबर 94 दर्ज हुआ था। इसमें इसने अनिल के साथ मिलकर आजाद खायरा की हत्या की थी। इसके अलावा भी सर्वेश्वर पर अन्य मामले दर्ज हैं।

गुड़गांव का दिया पता निकला फर्जी
आगरा-जयपुर हाईवे पर एक रिसॉर्ट के पास गोलियों से भूनकर दो लोगों की हत्या नारनौल जेल में बंद गैंगस्टर के इशारे पर हुई। फायरिंग में मारा गए विष्णु का गुड़गांव का दिया हुआ पता (21/63 डीएलएफ फेस पंाच) जांच के दौरान फर्जी निकला। उसका असली नाम निक्कू था। गुड़गांव पुलिस ने बताया है कि गैंगवार में महेंद्रगढ़ निवासी मनोज फौजी और निक्कू की जान गई।
विज्ञापन


अपराध शाखा की पुलिस ने मामले की जांच सीआईए प्रभारी यशवंत कुमार को दी। उनके अनुसार नारनौल जेल में बंद चीकू ने फरार चल रहे नारनौल के गैंगस्टर डॉ. कुलदीप की हत्या करवाने का प्रयास करवाया था। इस मुठभेड़ में फौजी मनोज और डॉ. कुलदीप के साथ रहने वाला निक्कू मारा गया। वहीं कुलदीप अपने एक और साथी के साथ फरार हो गया। यूपी पुलिस ने गुड़गांव और नारनौल पुलिस से संपर्क साधा है। यूपी पुलिस सोमवार को नारनौल जेल आएगी। वह जानने का प्रयास कर रही है कि जेल में बंद चीकू से हाल ही में मुलाकात करने वाले कौन-कौन से लोग हैं।

परिवार से अलग गुड़गांव रहता था निक्कू
बताया जाता है कि सर्वेश्वर पिछले 5-6 वर्षों से परिवार से अलग गुड़गांव ही रहता था जबकि उसका परिवार कुरुक्षेत्र में रहता है। उसका पैतृक गांव बवानियां है। गांव बवानियां में उसके चाचा-ताऊ आदि रहते हैं। अभी तक गांव में सर्वेश्वर की मौत का किसी को नहीं पता चला है।

कुछ दिनों पहले मांगी थी फिरौती
सर्वेश्वर उर्फ निक्कु ने कुछ दिन पहले सरताज ग्रुप के चेयरमैन प्रदीप यादव से 25 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी थी। नहीं मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी।

अंतिम बार लाडले को देखने का इंतजार कर रही बूढ़ी आंखें
इस वारदात में मारा गया जासावास निवासी मनोज कुमार फौजी की सूचना परिवार के लोगों तक पहुंची तो पूरा परिवार विलाप में डूब गया। मृतक की बूढ़ी मां की आंखें अपने लाडले को अंतिम बार देखने का इंतजार कर रही थी। शनिवार को देर सायं तक मनोज के शव को गांव जासावास नहीं लाया गया था। मनोज का अंतिम संस्कार रविवार को जासावास में किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें