नारनौल में 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। प्रशासन मैरिज पैलेस व बैंक्वेट हॉल के संचालकों, मैरिज पैलेस के मालिकों को निर्देश दिए कि वे अपने यहां आयोजित होने वाले विवाह समारोह के संबंध में पहले दुल्हा व दुल्हन के आयु प्रमाण पत्रों की जांच करें।
अक्षय तृतीया (अक्खा तीज) पर बहुत अधिक शादियां होती हैं, ऐसे मुहूर्त पर बाल विवाह होने का अंदेशा बना रहता है। आगामी 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। बाल विवाह करने व करवाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा ने अक्षय तृतीया पर बाल विवाह को रोकने के लिए पुजारी, गांव के सरपंच व नंबरदार सहित शहर के पूर्व पार्षदों को आगाह किया है।
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2 साल की जेल व एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान
साथ ही उन्होंने मैरिज पैलेस व बैंक्वेट हॉल के संचालकों, मैरिज पैलेस के मालिकों को निर्देश दिए कि वे अपने यहां आयोजित होने वाले विवाह समारोह के संबंध में पहले दुल्हा व दुल्हन के आयु प्रमाण पत्रों की जांच करें। जांच के दौरान यदि लड़के की आयु 21 वर्ष से कम व लड़की की आयु 18 वर्ष से कम है तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
आदेश में कहा- प्रमाण पत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखें
उन्होंने कहा कि आयु प्रमाण पत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखें। उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लड़की की शादी 18 वर्ष व लड़के की शादी 21 वर्ष से पहले की जाती है तो वह कानूनन अपराध है। एक्ट के तहत बाल विवाह के आयोजन में भागीदार सभी लोगों पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी, जिसके तहत 2 साल की जेल व एक लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान है।
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अधिकारी के अनुसार
जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा ने बताया कि बाल विवाह के आयोजन के संबंध में कोई भी व्यक्ति सूचना पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, सीटीएम, तहसीलदार, नजदीकी पुलिस थाना/चौकी, आंगनबाड़ी वर्कर, डब्ल्यूसीडीपीओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, बाल विवाह निषेध अधिकारी तथा पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 100, चाइल्ड हेल्पलान नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 और पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी दे सकते हैं।