गांव जासावास में सेना के जवान की मौत के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है। मनोज और उसके साथी की फतेहपुरी सीकरी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही मनोज के पिता और कुछ अन्य परिजन फतेहपुर सीकरी के लिए शुक्रवार को रवाना हो गए थे। मनोज की मौत की जानकारी घर की महिलाओं को नहीं दी है। मनोज की हत्या की खबर वैसे तो पूरे गांव में फैल चुकी है लेकिन शव नहीं आने के कारण घर पर किसी महिला को इसकी जानकारी नहीं दी है। कुछ ग्रामीण गांव के बाहर ही खड़े हैं जो परिवार तक किसी बाहरी व्यक्ति को जाने से रोक रहे हैं।
एक महीने की छुट्टी आया था
मनोज एक महीने की छुट्टी पर आया हुआ था। वह गांव में 13 दिसंबर को एक शादी में भी शरीक हुआ। मनोज की शादी करीब 8 साल पहले हुई थी। मनोज की पत्नी दिल्ली में गेस्ट टीचर है और वह दिल्ली में ही रहती हैं। मनोज की करीब 3 साल की बेटी है, जो दिल्ली में ही नर्सरी कक्षा मेें पढ़ती है।
परिवार का है सेना से रिश्ता
मनोज के पिता रामौतार सेना के लेफ्टिनेंट पद से सेवानिवृत्त हैं, वहीं मनोज का भाई सुखबीर भी सेना में है। ग्रामीणों ने बताया कि पहली भर्ती में ही मनोज का चयन हो गया था। समाचार लिखे जाने तक मनोज का शव गांव में नहीं लाया गया था।