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पुलिस और गो तस्करों में मुठभेड़

Fri, 18 Dec 2015 10:32 PM IST
महेंद्रगढ़ / नारनौल
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अटेली रोड पर बृहस्पतिवार की रात गो तस्करों और पुलिस में जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इसमें गो रक्षा दल के सदस्य भी शामिल हुए। मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से गोलियां बरसाई र्गइं लेकिन गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस ने नाकाबंदी कर एक महिला सहित दो आरोपियों और तीन गाड़ियों को काबू कर लिया। बाकी सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें 1 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया।
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बृहस्पतिवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन गाड़ियां अटेली की ओर से आ रही हैं। उप पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश ने तुरंत एक टीम का गठन किया। इसी दौरान वहां नजदीकी होटल में गो रक्षा दल के सदस्य खाना खा रहे थे। उन्हें पुलिस के माध्यम से सूचना मिली। पुलिस ने अपनी चार गाड़ियों को चारों तरफ लगाकर नाकेबंदी कर दी। गो तस्करों के पास 2 बुलेरो और एक सूमो गाड़ी थी जिनमें 9-10 लोग सवार थे।

जब कैंची मोड़ से अटेली रोड पर कुछ ही दूरी पर स्थित एमडी आईटीआई के साथ गो तस्कर सामने से आ रहे थे। पुलिस की गाड़ी देखकर उन्होंने पुलिस पर फायर कर दिए। जब वे वहां से भागने लगे तो सामने से आ रही है गो रक्षक दलों की पिकअप गाड़ी ने सीधे गो तस्करों की गाड़ी को टक्कर मार दी। गनीमत रही किसी के कोई खास चोट नहीं आई। इसके बाद गो तस्कर उतरकर भागने लगे अंत में पुलिस ने मेवात जिले के पल्ला निवासी गफूनी पत्नी अकबर और बारड़ा निवासी धर्मबीर पुत्र रामकुमार को मौके से काबू किया है। पुलिस ने दोनों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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नहीं की जान की परवाह
गो रक्षक दल के संदीप, पवन, सुधीर, विनोद, बादल, प्रेम, गोलियंा आदि ने गो तस्करों को पकड़वाने के लिए भरपूर सहयोग किया। इस दौरान गो रक्षक दल के सदस्यों ने अपनी जान की बिल्कुल परवाह नहीं की। जब पुलिस और गो तस्करों में गोलियां चल रही थी उसी दौरान पवन गो तस्करों का पीछा कर रहा था। पवन के आस पास से पांच-छह गोलियां निकली। जब वह उसको पकड़ने वाला ही था इतने में उसने फायर शुरू कर दी पुलिस के एक जवान ने पवन को बचाते हुए जमीन पर गिरा लिया। इतने में पुलिस ने उनके ऊपर फायर कर दिए जिससे वे खेतों की ओर भाग गए। अगर समय पर पुलिस ने गोली नहीं चलाई होती तो शायद पवन को कुछ भी हो सकता था।

पहले भी दो बार भी हो चुकी हैं मुठभेड़
गो तस्करों के साथ गो रक्षक दल के लोगों की पहले भी दो बार मुठभेड़ हो चुकी है। गो तस्करों के साथ पिछले 15 दिनों में यह तीसरी मुठभेड़ हैं। पिछले सप्ताह भी जब वे देवीलाल पार्क से एक गाड़ी में गाय भर रहे थे उसी दौरान वे वहां पहुंच गए और उनको देखकर वे वहां से भाग गए। गो तस्करों ने उस समय भी निंबी-छाजियावास गांव के पास उन पर गोलियां चलाई थी। उस समय पुलिस पीछे रह गई थी। इसके बाद पुलिस उनका काफी पीछा किया लेकिन वे पुलिस से बच निकले थे। 15 दिन पहले भी गायों को भर रहे थे तब भी गो रक्षक दल के सदस्यों ने उनको वहां से भगाया था।

रास्ता बदलने की कोशिश की तो पिकअप ने मारी टक्कर
बृहस्पतिवार को पुलिस ने गो तस्करों को पकड़ने के लिए नाका लगा दिया था। पुलिस के नाके को देखकर जब वह मोड़कर वापस ला रहे थे तो उस दौरान सामने से आ रही गो रक्षक दलों की पिकअप ने उनकी गाड़ी के टक्कर मार दी। उसके बाद जब पुलिस की गाड़ी आई तो उन पर उन्होंने फायर शुरू कर दिया और उतर कर बेरी की ओर भाग गए।

गफूनी ने आरोप किया कबूल
गफूनी ने पुलिस के सामने अपने आरोपों को कबूल कर लिया। उसने बताया कि वे महेंद्रगढ़ से गायों को पकड़ने के लिए आए थे। उनके साथ लगभग 8-10 लोग और थे। लेकिन पुलिस की नाकाबंदी के कारण उनका प्लान फेल हो गया। पुलिस ने मौके से तीन गाड़ियां बरामद की। इसके अलावा हथियार के रूप में उन्हें कुछ नहीं मिला।
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