हरियाणा के नारनौल में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने निजामपुर कस्बे में स्वामी अस्पताल पर छापा मारा। इस दौरान टीम ने आठवीं पास फर्जी चिकित्सक को मौके पर दबोचा। वहां से कुछ दवाइयां और एक एमबीबीएस चिकित्सक का प्रमाणपत्र बरामद किया। टीम चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई में जुटी हुई थी। चिकित्सक करीब 20 वर्ष से यह हॉस्पिटल चला रहा था।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को गुप्त सूचना मिली थी कि निजामपुर में रेलवे रोड पर एक फर्जी चिकित्सक हॉस्पिटल चला रहा है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने स्वास्थ्य विभाग से मिलकर एक टीम का गठन किया। टीम में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की तरफ से उप निरीक्षक सत्येंद्र कुमार, सहायक उप निरीक्षक सचिन कुमार, कर्मपाल, मुख्य सिपाही अजय कुमार, खुफिया विभाग की तरफ से उप निरीक्षक लीलाराम, उप निरीक्षक जसवंत, सहायक उप निरीक्षक संदीप कुमार, स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डॉ. अमित कुमार शामिल थे।
टीम ने शाम लगभग चार बजे इस हॉस्पिटल पर छापा मारा तो वहां अमर सिंह, गांव ईलाखर, जिला सीकर (राजस्थान) नामक बुजुर्ग बैठा मिला। टीम ने अमर सिंह से अस्पताल के लाइसेंस से संबंधित कागजात मांगे तो वह पेश नहीं कर सका। डॉ. अमित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
हॉस्पिटल में मिलीं एलोपैथिक दवाइयां
टीम में शामिल पीएचसी छिलरो के इंचार्ज डॉ. अमित ने बताया कि स्वामी हॉस्पिटल से एलोपैथिक दवाइयां, चिकित्सा में प्रयोग होने वाले कुछ उपकरण बरामद किए हैं, जिनको सीज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी 20 साल से यह हॉस्पिटल चला रहा था और उसमें एडमिट करने के लिए सात बेड भी थे। हॉस्पिटल में एक मरीज भी भर्ती था, लेकिन उसने टीम का सहयोग करने से मना कर दिया।
हमारे पास शिकायत आई थी कि निजामपुर कस्बे में एक आदमी में हॉस्पिटल चला रहा है, जो कि आठवीं पास हैं। इसके बाद हमने शुक्रवार को पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर उक्त हॉस्पिटल पर छापा मारा और अमर सिंह नामक आदमी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास हॉस्पिटल चलाने के पास कोई लाइसेंस या अन्य कोई दस्तावेज नहीं मिला।
- राजेश चेची, डीएसपी, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता।