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शिक्षक द्वारा छात्राओं से अश्लील हरकत के विरोध में ग्रामीणों ने स्कूल गेट पर जड़ा ताला

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। क्षेत्र के समीपवर्ती गांव के राजकीय स्कूल के एक शिक्षक द्वारा छात्राओं के साथ अश्लील हरकत करने के विरोध में ग्रामीणों ने शनिवार को स्कूल के गेट पर ताला जड़ कर स्टाफ को स्कूल में ही कैद कर दिया। वहीं, शिक्षक को बर्खास्त करने की मांग को लेकर मुख्य द्वार पर नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने स्कूल स्टाफ के अन्य सदस्यों पर द्वारा छात्राओं व उनके परिजनों से क्षमा याचना कर मामले को रफा-दफा कराने का प्रयास करने आरोप लगाया। मामले की सूचना शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लगी तो नारनौल बीईओ सुनील दत्त ने मौके पर पहुंचकर ताला खुलवाया। इसके बाद उन्होंने स्कूल स्टाफ सदस्यों व ग्रामीणों से मामले की जानकारी ली, जिसमें शिक्षक दोषी पाया गया। इसके बाद नारनौल बीईओ ने उक्त शिक्षक का तबादला दूसरी जगह करने का आश्वासन दिया।
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ग्रामीणों के अनुसार स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्राओं ने 22 अगस्त को स्कूल के पीटीआई हरीश कुमार को उक्त शिक्षक द्वारा उनके साथ की जा रही अश्लील हरकतों के बारे में जानकारी दी थी। पीटीआई ने मामला स्कूल के प्राचार्य अनिल कुमार के संज्ञान में लाया। प्राचार्य ने मामले की जांच की तो आरोप सही मिले। इसके बाद छात्राओं ने एक लिखित शिकायत महिला शिक्षक सुमन लता को दी। शिक्षिका ने शिकायत प्राचार्य को दी। इसके बाद स्कूल स्टाफ सदस्यों ने मिलकर छात्राओं व उनके परिजनों से क्षमा याचना कर मामले को अपने स्तर पर ही रफा-दफा कर दिया गया। मामला शनिवार को ग्रामीणों के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने इसका विरोध किया। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए प्राचार्य सुबह से ही स्कूल से गायब हो गया।

ग्रामीणों ने गेट पर ताला जड़ किया प्रदर्शन
ग्रामीणों को स्टाफ सदस्यों द्वारा मामला रफा-दफा करने की सूचना मिली तो वे भड़क गए और गांव के सरपंच को सूचना दी। वहीं, ग्रामीण स्कूल में पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने स्टाफ सदस्यों से छात्राओं द्वारा प्राचार्य को दी गई लिखित शिकायत देने की मांग की, लेकिन स्टाफ सदस्यों ने ग्रामीणों के सामने ही उक्त शिकायत को फाड़ दिया। जिससे ग्रामीण और भड़क गए। ग्रामीणों का विरोध बढ़ता देख शिक्षिकों ने बच्चों की छुट्टी कर दी। बच्चों के स्कूल से निकलते ही ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ कर स्टाफ सदस्यों को स्कूल में ही कैद कर दिया।

बीईओ के आश्वासन पर शांत हुए ग्रामीण
मामले की सूचना पाकर नारनौल खंड बीईओ सुनील दत्त मौके पर पहुंचे। स्कूल स्टाफ सदस्यों व ग्रामीणों से उक्त मामले की पूरी जानकारी ली। जिसमें शिक्षक दोषी पाया गया। जिसके बाद उक्त शिक्षक ने भी सभी ग्रामीणों के सामने माफी मांगी। वहीं ग्रामीणों की मांग पर बीईओ ने उक्त शिक्षक को दूसरी जगह तबादला करने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।
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कुछ भी बोलने से बचते रहे अधिकारी
नारनौल खंड बीईओ सुनील दत्त यादव से बात की गई तो उन्होंने फोन पर आवाज नहीं आने का बहाना बनाते हुए कहीं बाहर होने की बात कहते हुए फोन काट दिया। इसी प्रकार स्कूल के प्राचार्य सुनील कुमार ने भी मामले में कुछ भी बोलने से मना कर दिया।
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