अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। हरियाणा सेंट्रल यूनिवर्सिटी के बीटेक के छात्र सुमित की मौत का राज अब भी गुरुग्राम से खुलने की उम्मीद है। सुमित का मोबाइल आंखों की रेटीना से जुड़ा था, जिस कारण अब मोबाइल का लॉक नहीं खुल पा रहा। नारनौल साइबर सेल ने मोबाइल को गुरुग्राम भेजने का फैसला लिया है।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी में दो फरवरी की आधी रात बीटेक पांचवें सेमेस्टर के छात्र सुमित का हॉस्टल के कमरे में शव लटकता हुआ मिला था। प्राथमिक जांच में पुलिस प्रशासन ने इसे आत्महत्या माना था। सुमित के पिता ने इसे हत्या बताते हुए कहा कि सुमित को मारकर फंदे पर लटकाया गया है। पिता की शिकायत के बाद फोरेंसिक साइंस की टीम ने करीब चार घंटे तक मौके पर मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की थी। हॉस्टल के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। सुमित का मोबाइल मौके पर बरामद हुआ था। इस मोबाइल से मौत के राज खुलने की संभावना थी। इसके चलते मोबाइल को साइबर सेल नारनौल भेजा गया। कई दिन तक प्रयास करने के बाद भी साइबर सेल मोबाइल का लॉक नहीं खोल पाई।
पुलिस के अनुसार सुमित ने अपने मोबाइल में रेटीना से जुड़ा लॉक लगाया हुआ था। अब उस लॉक को खोलने में पुलिस को दिक्कत आ रही है। लॉक को दूसरे तरीके से खोलने पर इसका डेटा खत्म होने की आशंका है। इस कारण पुलिस ने इस मोबाइल को गुरुग्राम की साइबर सेल को भेजने का फैसला लिया है। जहां आधुनिक तकनीक से लॉक खोलने का प्रयास किया जाएगा।
वर्जन
सुमित का मोबाइल रेटीना से लॉक है। साइबर सेल पूरे प्रयास के बाद भी इसे नहीं खोल पाई। मोबाइल को गुरुग्राम साइबर सेल को भेजकर इसे खुलवाने का प्रयास करेंगे। मोबाइल के डेटा से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।
- नरेश कुमार, चौकी इंचार्ज, आकोदा महेंद्रगढ़।