अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। जिले के एटीएम काउंटर असुरक्षित होने के कारण अपराधियों के आसान टारगेट बनते जा रहे हैं। बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से हुई चोरी ने सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिये हैं। मंगलवार को अमर उजाला ने शहर के बीचों-बीच स्थित एटीएम बूथों की कई जगह सुरक्षा मानकों की पड़ताल की। पता चला कि एक दिन पूर्व हुई एटीएम उखाड़ने की वारदात से कई बैंकों ने कोई सबक नहीं लिया है। शहर के अधिकतर एटीएम बूथों पर सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं लेकिन गार्ड नहीं हैं। जिले में लगभग 95 एटीएम हैं, जिनमें प्रतिदिन करोड़ों रुपये डाले जाते हैं। परंतु इनमें अधिकतर बैंकों के पास कोई सुरक्षाकर्मी नहीं है।
बैंक नहीं हैं अलर्ट
शहर के तीन एटीएम ऐसे मिले, जहां सुरक्षा गार्ड नहीं थे। इतना ही नहीं, कुछ एटीएम के डोर लॉक खराब मिले। तो कई जगह गार्ड तैनात नहीं थे। केवल रेलवे स्टेशन पर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम बूथ पर ही गार्ड तैनात था। जबकि दो तीन एटीएम बूथों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले।
प्रतिदिन डाले जाते हैं मशीनों में करोड़ों रुपये
अधिकारियों से की बातचीत के अनुसार जिले में लगभग 95 एटीएम मशीन हैं। इनमें 30 मशीनें नारनौल, 20 महेंद्रगढ़, 10 से 15 नांगल चौधरी, आठ कनीना की शामिल हैं। सभी बैंकों की अपनी अलग-अलग लिमिट होती है। एक एटीएम की सबसे अधिक लिमिट 70 लाख रुपये की होती है। औसत के अनुसार प्रत्येक बैंक 15 लाख रुपये का कैश डालता है। लगभग 15 करोड़ रुपये का कैश प्रतिदिन जिले के 15 एटीएम में डाला जाता है। एटीएम में पैसे डालने के लिए लोकेश तथा सुरक्षा का भी ध्यान रखा जात है। सबसे अधिक केस 1 से 10 तारीख के बीच सैलरी समय में डाला जाता है।
निजी बैंकों के शटर रात को हो जाते हैं डाउन
बता दें कि शहर में लगभग 23 एटीएम हैं। इनमें अधिकतर निजी बैंकों के एटीएम हैं जो रात आठ बजे के बाद बंद हो जाते हैं। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, बैंक आफ बड़ौदा, केनरा, सेंट्रल, एसबीआई, पीएनबी, एक्सिस, कोर्ट आदि बैंकों के एटीएम दिन के समय चलते हैं। रात को इन पर शटर डाल दिया जाता है।
दो साल में पीएनबी एटीएम की तीसरी घटना
बता दें कि अज्ञात चोरों ने पीएनबी एटीएम को दो साल में तीसरी बार निशाना बनाया है। पहली बार सेहलंग और उसके बाद कनीना में पीएनबी एटीएम को निशाना बनाया था। दो वर्ष पूर्व सेहलंग में पीएनबी बैंक के एटीएम को अज्ञात चोर उखाड़ ले गए थे, जिसमें 14 लाख रुपये थे। इसके बाद डेढ़ वर्ष पूर्व कनीना में छितरौली रोड पर पीएनबी बैंक के एटीएम को गैस कटर से काटकर लेकर गए थे, जिसमें 9 लाख रुपये रखे थे। किंतु इनमें से कोई भी चोरी अभी बरामद नहीं हुई है। सेहलंग में उखाड़ी गई मशीन गांव चिड़िया के खेत में बरामद की गई थी। लेकिन आरोपी अभी तक नहीं पकड़े गए हैं।
नहीं हैं सुरक्षा गार्ड
कनीना। कस्बे में विभिन्न बैंकों के आठ एटीएम लगे हुए लेकिन अधिकतर पर सुरक्षाकर्मी नहीं है । कनीना मंडी में रेलवे स्टेशन रोड पर पीएनबी, कार्पोरेशन, एचडीएफसी एवं यूको बैंक के एटीएम स्थापित है परंतु पीएनबी और कार्पोरेशन बैंक के एटीएम पर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं है। कनीना बस स्टैंड पर पीएनबी, एसबीआई, केनरा और इलाहाबाद बैंक के एटीएम लगे हुए हैं। पीएनबी के एटीएम पर ही सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं। बाकी रामभरोसे ही है।
वर्जन
जिले में लगभग 95 एटीएम हैं। इन एटीएम की जिम्मेवारी संबंधित बैंक मैनेजर की होती है। हमारे अंडर जो एटीएम हैं। उन सभी पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और गार्ड भी तैनात हैं।
- श्रवण कुमार पाठक, एलडीएम।