अमर उजाला ब्यूरो
कनीना। पुलिस ने छात्रा गैंगरेप मामले के मुख्य आरोपी निशु फौगाट और पंकज के परिवार की चार महिलाओं को समझौता करने का दबाव बनाने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। महिलाओं को एसडीजेएम की अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया।
पीड़िता छात्रा के पिता ने कनीना थाने में शिकायत दी थी। जिसमें पीड़िता के पिता ने कहा कि वह पिछले कुछ समय से अपनी बहन के घर रह रहे हैं। आरोपी निशु फौगाट के परिजन उस पर लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं। कनीना पुलिस ने इस मामले में वीरवार को आरोपी निशु के पिता राजेश को गिरफ्तार कर लिया था। वीरवार को ही उनको जमानत पर रिहा कर दिया था। पुलिस ने आरोपी निशु की माता गिंदोड़ी, आरोपी पंकज की बहन मनीषा, पंकज की पत्नी धोली, पंकज की माता सिलोचना को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। शुक्रवार दोपहर को महिलाओं को एसडीजेएम की अदालत में पेश किया गया। जहां एसडीजेएम कुणाल गर्ग की अदालत ने चारों महिलाओं को जमानत पर रिहा कर दिया।
यह था मामला
दो सितंबर 2018 को एक छात्रा कोचिंग सेंटर से घर लौट रही थी। बस स्टैंड पर उसके परिवार का जानकार पंकज और पड़ोस में रहने वाला निशु मिला। उन्होंने उसे बाइक पर बैठा लिया और रास्ते में पानी पिलाया, जिसे पीते ही वह बेहोश हो गई। फिर दोनों लड़की को दीनदयाल के कोठड़े ले गए और वहां निशु ने मनीष को भी बुलाया और फिर तीनों ने आठ घंटे तक उसके साथ दुराचार किया। हालत बिगड़ी तो डॉक्टर को बुलाया और फिर इलाज कराने के बाद उसे वापस बस स्टैंड पर फेंक गए। भागने के बाद निशु ने पीड़िता के पिता को फोन करके कहा कि उसकी तबीयत खराब है और बस स्टैंड पर बेहोशी की हालत में है। पिता बस स्टैंड पर पहुंचा और बेटी को संभाला। यह मामला लंबे समय तक सुर्खियों में रहा था।