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सातवीं कक्षा की छात्रा से छेड़छाड़, शिक्षक और स्कूल चेयरमैन पर केस दर्ज

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जिले के एक निजी स्कूल की सातवीं कक्षा की छात्रा के साथ सामाजिक विज्ञान के शिक्षक द्वारा क्लासरूम में अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है। छात्रा और उसके चाचा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक और स्कूल के चेयरमैन के खिलाफ पोक्सो के तहत केस दर्ज कर लिया है। नारनौल महिला थाना पुलिस ने स्कूल चेयरमैन पर धारा 17 के तहत केस दर्ज किया है।
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छात्रा के चाचा ने कहा कि उनकी भतीजी कक्षा सातवीं में निजी स्कूल में पढ़ती है। 11 जुलाई को वह स्कूल पहुंची तो सोशल साइंस के टीचर ने उसके साथ छेड़खानी की। शिक्षक ने उसके शरीर को छूते हुए कहा कि बेटी तुम अन्य बच्चों की तरह ढीठ मत बनो। अपना होमवर्क पूरा किया करो। छात्रा ने यह बात अपने घर जाकर रोते हुए अपनी मां को बताई, जिसके बाद 12 जुलाई को छात्रा की मां स्कूल पहुंची। उसने स्कूल के चेयरमैन को इसकी शिकायत दी। स्कूल चेयरमैन ने शिक्षक को धमकाते हुए स्कूल से निष्कासित कर दिया। बाद में स्कूल प्रबंधन की बैठक बुलाकर सभी शिक्षकों को निर्देश दिए कि कोई भी शिक्षक किसी छात्रा को शारीरिक तौर पर नहीं छूएगा।
छात्रा बोली अब कभी नहीं जाउंगी स्कूल...
छात्रा के चाचा ने बताया कि उसकी भतीजी ने स्कूल जाने से इनकार कर दिया। छात्रा ने कहा कि वह अब कभी स्कूल नहीं जाएगी। पीड़िता के चाचा को जब भतीजी के स्कूल न जाने की जानकारी हुई तो उसने पूछताछ की। जिस पर पीड़िता की मां यानी उसकी भाभी ने पूरी घटना की जानकारी दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद वह सोमवार को छात्रा को कनीना थाने लेकर पहुंचे। जहां महिला जांच अधिकारी उपलब्ध न होने के कारण उनको महिला थाने में नारनौल भेज दिया।
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चेयरमैन पर इसलिए दर्ज हुआ केस...
अगर किसी संस्थान में नाबालिग के साथ छेड़छाड़ या दुष्कर्म जैसा अपराध होता है तो पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज होता है, जिसमें संस्थान के मुखिया को जानकारी होने के बाद वह पुलिस को शिकायत नहीं देता है तो मामले में उसे भी दोषी माना जाएगा।
छात्रा की शिकायत पर एसएस के टीचर व स्कूल चेयरमैन पर केस दर्ज कर लिया गया है। पोक्सो की धारा 10 के तहत शिक्षक पर मामला दर्ज किया गया है। चेयरमैन पर धारा 17 के तहत एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया है।
- कमला देवी, एसएचओ, महिला थाना नारनौल।
मामला मेरे संज्ञान में आते ही मैंने शिक्षक को धमकाया था। उसके बाद शिक्षक को स्कूल से बर्खास्त कर दिया। सभी शिक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में कोई भी शिक्षक किसी छात्रा को शारीरिक रूप से नहीं छूएगा। छात्राओं को दूर से ही समझाया जाएगा।
- आरोपी, स्कूल चेयरमैन, कनीना
मेरी कोई गलत मंशा नहीं थी। मेरी बेटी बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा है। मैंने छात्रा को रूटीन में समझाया था। मैं छात्रा को पढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा था। मुझ पर लगाए गए आरोप गलत हैं।
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- आरोपी शिक्षक, कनीना
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