फोटो 5नारनौल में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने एक दिवसीय उपवास एवं सांकेतिक ध
- फोटो : मकान में आग लगी आग से जल सामान। संवाद
नारनौल। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत रविवार को कांग्रेस ने नारनौल में बाबा आंबेडकर की प्रतिमा के सामने एक दिवसीय उपवास व सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष सतबीर झुकिया ने कहा कि मनरेगा यूपीए सरकार की ओर से लागू किया गया एक अधिकार आधारित कानून है। उन्होंने कहा कि मनरेगा 20 वर्षों से ग्रामीण भारत की जीवन रेखा रही है, कोविड महामारी के कठिन दौर में मनरेगा ने 4 करोड़ से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया।
विधायक मंजू चौधरी ने कहा कि प्रति वर्ष मनरेगा के तहत पांच करोड़ से अधिक परिवारों को रोजगार मिलता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर होने वाले पलायन में कमी आती है। उन्होंने कहा कि मनरेगा ना केवल रोजगार उपलब्ध कराना है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना का काम भी करती है।
युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण राव ने बताया कि मनरेगा बचाओ संग्राम राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया गया है। इसके माध्यम से कांग्रेस का हर कार्यकर्ता जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का कार्य करेगी।
महिला जिला अध्यक्ष डॉ. राज सुनेश ने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा को खत्म करना चाहती है। पहले मनरेगा का 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी लेकिन अब केवल 60 प्रतिशत केंद्र सरकार देगी। इससे सीधा राज्य सरकार पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और जो सरकार पहले से भारी कर्ज में डूबी है। इस अवसर महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस , एनएसयूआई, सेवा दल, ओबीसी, एससी सहित अन्य पदाधिकारी ने अपना विरोध दर्ज कराया।