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Mahendragarh-Narnaul News: आश्वासनों के बीच अटके समाधान शिविर के फरियादी

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फोटो नंबर- 10पांची, गांव- रोपड़ सराय
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नारनौल। लोगों की समस्याओं का निवारण करने के लिए लगाए जाने वाले शिविरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। फरियादियों का आरोप है कि यहां समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं हो रहा और कई लोगों को अधिकारियों तक पहुंच भी नहीं मिलती।
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वहीं, शिकायतें दर्ज तो होती हैं लेकिन समाधान की बजाय लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। साथ ही शिविरों में लापरवाही और व्यवस्थागत खामियों के आरोप भी सामने आ रहे हैं जिससे आमजन की निराशा बढ़ रही है।
कई शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे उम्मीद लेकर शिविर में आते हैं लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता है। दस्तावेजों में त्रुटियों, आय संबंधी गलत रिकॉर्ड और तकनीकी खामियों के कारण कई लाभार्थी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।
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कई मामलों में लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं, शिविर स्थल की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं जिससे आमजन में निराशा और असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
मीटिंग हॉल में लगे अग्निशमन यंत्र एक्सपायर
लघु सचिवालय के प्रथम तल पर स्थित मीटिंग हॉल में जहां समाधान शिविर लगाया जाता है, वहां पर लगे करीब 4-5 अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुके हैं। साथ ही इस तल पर लगे अग्निशमन यंत्रों की जांच की गई तो सभी मार्च में ही एक्सपायर हो चुके हैं। ऐसे में यदि आगजनी की घटना हो जाती है तो कौन जिम्मेदारी लेगा।
बॉक्स:
पीपीपी में बेटे की आयु ठीक करवाने के लिए दो साल में 8 चक्कर काट चुका हूं। सभी दस्तावेजों में मेरे बेटे की उम्र 31 वर्ष है लेकिन पीपीपी में 41 वर्ष है। कुछ माह पहले बीमारी के चलते मेरे दिव्यांग बेटे की मृत्यु हो चुकी है लेकिन फैमिली आईडी में उम्र गलत होने के कारण दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत परिवार को मिलने वाला आर्थिक लाभ अभी तक नहीं मिल पाया है।
-बाबूलाल, गांव बारडा


लाडो लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन किया था लेकिन अभी तक एक भी किस्त नहीं मिली है। समाधान शिविर में शिकायत दर्ज करवाई तो एक बार तो बताया कि वार्षिक आय अधिक है, जिस पर मैंने आपत्ति दर्ज की तो दोबारा जांच की गई। इसमें मेरी वार्षिक आय 10 से 25 हजार रुपये निकली। मेरे पति मजदूरी करते हैं, समाधान का आश्वासन तो मिला है लेकिन कब तक होगा यह नहीं बताया। -सुनील देवी, गांव बारडा


मैं खेती करता हूं और करीब 2 माह पहले बुढ़ापा पेंशन के लिए अप्लाई किया था लेकिन मेरी पेंशन अभी तक नहीं बनी, इसलिए मैंने शिविर में शिकायत दर्ज करवाई। इसमें बताया गया कि मैंने 2 लाख 16 हजार रुपये का टैक्स भरा है जबकि इतनी तो मेरी वार्षिक आय ही नहीं है। अब मुझे सीए से रिपोर्ट तैयार करवा कर लाने को कहा है। -सत्यनारायण, गांव कांटी


करीब 13 साल पहले पति की मृत्यु हो चुकी है और केवल विधवा पेंशन ही एकमात्र सहारा है। बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन परिवार पहचान-पत्र में वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से अधिक दर्शाई गई है। इस कारण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे। समाधान शिविर में शिकायत दर्ज करवाई तो कहा गया इसका समाधान नहीं हो सकता, अब क्या करें असमंजस की स्थिति बनी हुई है। -पांची, गांव रोपड़ सराय
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