स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिला के 40 गांवों में सामुदायिक बॉयो-टॉयलेट्स का निर्माण करवाया जाएगा। सबसे पहले पायलेट बेस पर जिले के प्रत्येक खंड के पांच गांवों में इस तरह के बॉयो-टॉयलेट्स बनाए जाएंगे। उपायुक्त अजय कुमार ने वीरवार को लघु सचिवालय में जिला स्वच्छ भारत मिशन प्रबंधन समिति की बैठक में दी।
उपायुक्त ने बताया कि वर्ल्ड बैंक परफोर्मेंस फंड के तहत सरकार की हिदायत के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत प्रत्येक गांव में कम से कम एक सामुदायिक शौचालय बनाया जाना है। फिलहाल जिले के 209 गांवों में अभी तक एक भी सामुदायिक शौचालय नहीं है। फिलहाल जिले के प्रत्येक खंड में चयनित पांच गांवों में इस तरह के बॉयो-टॉयलेट बनवाए जाएंगे। इसके बाद अन्य गांवों में भी बनाए जाने की योजना है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला की भौगोलिक स्थिति तथा पानी की कमी को देखते हुए बॉयो-टॉयलेट्स का निर्माण करवाया जाए ताकि लंबे समय तक इन शौचालयों का सही तरीके से प्रयोग हो सके। उपायुक्त ने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इनके निर्माण सरकार की हिदायतों के अनुसार ही हों। इसके अलावा निर्माण के दौरान समय-समय पर अधिकारी खुद फील्ड में जाकर इनका निरीक्षण करें। सभी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए इनका निर्माण तुरंत शुरू करवाया जाए।
डीसी ने इससे पहले बनाए गए व्यक्तिगत व सार्वजनिक शौचालयों के संबंध में भी अधिकारियों से रिपोर्ट ली। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कूड़ा प्रबंधन के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में जिला ग्रामीण विकास एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुण कुमार, सीएमओ डॉ. अशोक कुमार, डीडीपीओ ओमप्रकाश तथा एक्सईएन पंचायती राज नरेश यादव के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।