संवादन्यूज एजेंसी
नारनौल। नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र का लाइसेंस रद्द होने के बाद अब उसे दोबारा खोलने की संभावना बन रही है। हाल ही में एडीसी आनंद शर्मा ने निजामपुर रोड स्थिति नशा और पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया गया था। उन्होंने खामियां मिलने पर उसे दूर करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, नशा मुक्ति केंद्र को लेकर 21 जनवरी को चंडीगढ़ में बैठक है। जिसमें कमेटी के सदस्य बुलाए गए हैं। सदस्य बैठक में नशा मुक्ति केंद्र की रिपोर्ट देंगे। ऐसे में नशा मुक्ति केंद्र को खोलने की सभावना जताई जा रही है।
इस कमेटी में नागरिक अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अनिल यादव, समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अश्विनी कुमार शामिल हैं। नशा मुक्ति केंद्र एवं पुनर्वास केंद्र के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरएस रंगा भी चंडीगढ़ की बैठक में हिस्सा लेेंगे। उम्मीद है कि नशा मुक्ति केंद्र को लेकर कुछ निर्णय जरूर होगा। नशा मुक्ति केंद्र का तत्कालीन एडीसी ने दौरा किया था, उस दौरान केंद्र कुछ अनियमितता मिली थी। इसके बाद 10 अक्तूबर को नशा मुक्ति केंद्र का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। अब केंद्र में मरीज को दाखिल नहीं किया जा रहा है। इस केंद्र पर प्रतिदिन 10 से 15 मरीज नशा छोड़ने के लिए पहुंचते थे।
नशा मुक्ति केंद्र और पुनर्वास केंद्र पर मनोचिकित्सक तैनात नहीं है। इसकी वजह से उसे दोबारा शुरू करने में परेशानी आ रही है। अब सोमवार को नशा मुक्ति केंद्र की तरफ से सिविल सर्जन से मनोचिकित्सक लगाने की मांग की गई है। नारनौल के निजामपुर रोड पर नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र वर्ष 1995 में स्थापित हुआ था। इसके बाद लगातार मरीजों का उपचार किया जा रहा था। केंद्र पर शुरू से लेकर लाइसेंस रद्द होने तक करीब 12 हजार लोग नशा छोड़ चुके हैं।
लाइसेंस रद्द होने के बाद भी पहुंच रहे लोग
नशा मुक्ति केंद्र का लाइसेंस रद्द होने के बाद भी लोग यहां पहुंच रहे हैं। सोमवार को दो लोग नशे से छुटकारा पाने के लिए पहुंचे लेकिन लाइसेंस रद्द होने के बाद मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। हालांकि केंद्र पर स्टाफ कर्मी प्रतिदिन नियमित समय पर पहुंच रहे हैं। नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र में स्मैक, भांग, शराब, गांजा, चरस, अफीम, इंजेक्शन और नशीली दवाइयों के सेवन करने वालों का उपचार किया जाता था।
वर्जन:
नशा मुक्ति केंद्र एवं पुनर्वास केंद्र का दौरा किया था। केंद्र में जो भी खामी मिली हैं, उन्हें दूर करने के लिए कहा गया है।-आनंद शर्मा, एडीसी महेंद्रगढ़।