वर्तमान मौसम प्रणाली वेस्टर्न डिस्टरबेंस से मौसम गतिशील और परिवर्तनशील बना हुआ है। क्षेत्र में पूरे दिन घने बादल छाये रहने से धूप नहीं निकलने से लोग ठिठुरते रहे। सुबह से ही पूरे क्षेत्र में 10-12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल रही है जो पूरे इलाके में ठंड का तीखा प्रभाव दिखा रही हैं। हालांकि इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से ज्यादातर स्थानों पर तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। ठंड के प्रभाव से बाजार में रौनक और रफ्तार धीमी नजर आ रही थी। शुक्रवार को नारनौल का न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री व अधिकतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि शुक्रवार को सुबह से शाम तक सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। जिसकी वजह से ठंड में आमजन को राहत नहीं मिल पा रही थी। पूरे क्षेत्र बादलवाही, कोहरा और धूंध की सफेद चादर के आगोश में रहा। आज जिले में नारनौल का न्यूनतम तापमान 8.5 और अधिकतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा और महेंद्रगढ़ का न्यूनतम तापमान 9.3 और अधिकतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। जिला महेंद्रगढ़ में वर्तमान मौसम प्रणाली द्वारा तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इस मौसमी प्रणाली से 21 जनवरी रात्रि बाद अलसुबह 1 व 2 बजे से गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हवाओं की गति 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की प्रबल संभावनाएं बन रही है। 22 जनवरी को पूरा दिन रुक रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने और 23 जनवरी से इस मौसमी प्रणाली का प्रभाव हरियाणा के पूर्वी जिलों पर और एनसीआर दिल्ली पर होने की संभावनाएं हैं। डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान मौसम प्रणाली द्वारा बारिश की गतिविधियों के दौरान किसानों को सतर्क रहने और रबी की फसलों में अभी सिंचाई और केमिकल छिड़काव को बारिश की गतिविधियों तक रोके।