महेंद्रगढ़। मानसून आने से पहले नगर पालिका की ओर से शहर में नालों की सफाई कराने का दावा फेल हो गया है। नगर पालिका ने दो सप्ताह पहले नालों की सफाई के लिए पांच लाख रुपये का टेंडर जारी किया था। शहर के अधिकांश प्रमुख नाले गंदगी से पटे हैं। इसको देखकर ऐसा लग रहा है कि सफाई केवल कागजों में सीमित है। हकीकत में शहर के अधिकतर नाले जाम पड़े हैं।
शहर में जब नालों की पड़ताल की गई तो तस्वीर चौकाने वाली सामने आई है। जलनिकासी के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले बुचौली रोड से दोहान नदी क्षेत्र तक, कॉलेज रोड, गोशाला धोलपोश से देवास रोड, मोहल्ला सैनीपुरा से पंचमुखी हनुमान मंदिर मार्ग, कोकाबंगड़ी रोड से मोदाश्रम, गोशाला से मसानी चौक तक जाने वाले नालों की सफाई नहीं कराई गई है।
ये नाले चार से छह फुट गहरे हैं लेकिन पॉलीथीन व झाड़ से अटे पड़े हैं। इन नालों के सहारे ही बारिश का पानी शहर से बाहर निकालने के दावे किए जा रहे हैं। अधिकारियों व नपा की नियमित निगरानी के अभाव में ठेकेदार की ओर से भी साफ-सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।
नियमित सफाई के अभाव में हर साल शहर के मुख्य नालों में जमा कचरा और पॉलिथीन भर जाता है जिससे नाले जाम हो जाते हैं। इसके चलते बारिश होने पर जलनिकासी नहीं होती है और जलभराव की समस्या पैदा हो जाती। वहीं सीवरेज व्यवस्था का स्तर भी संतोषजनक नहीं है।
पिछले वर्षों की तरह इस बार भी तेज बारिश होने पर मुख्य बाजार, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य निचले क्षेत्रों में जलभराव की आशंका बनी हुई है। मसानी चौक से डुलाना रोड, गोशाला रोड, सिनेमा रोड, सब्जी मंडी रोड, एसडीएम निवास रोड, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स क्षेत्र, नगर पालिका कार्यालय परिसर तथा नागरिक अस्पताल के आसपास हर वर्ष जलभराव की समस्या सामने आती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते नालों की सफाई नहीं हुई तो बारिश में शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो सकती हैं।
वर्जन
दो सप्ताह पहले ही पांच लाख रुपये के टेंडर किए गए। ठेकेदार को बारिश शुरू होने से पहले नालों की सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर में नालों की सफाई का काम शुरू हो गया है। जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। लापरवाही मिलने पर ठेकेदार को नोटिस दिया जाएगा। -रमेश सैनी, प्रधान नगरपालिका महेंद्रगढ़।