महेंद्रगढ़। रावमावि जांट में जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि स्वच्छता एक जिम्मेदारी ही नहीं, जीवन की संस्कृति है। इसे जीवन का हिस्सा बनाएं।
समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि स्वच्छता केवल विद्यालय या घर तक सीमित नहीं होनी चाहिए। यह जीवन का स्थायी संस्कार बनना चाहिए। स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत हुए इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के स्वयंसेवकों ने भाषणों एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वच्छता प्रचार, व्यक्तिगत स्वच्छता, प्लास्टिक को ना कहे विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
विद्यार्थियों को हाथ धोने का सही तरीका, डस्टबिन के प्रकार और उनका उपयोग, सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभाव के बारे में भी जानकारी दी गई। नोडल अधिकारी प्रो. राजेंद्र प्रसाद मीणा, स्वच्छता ही सेवा अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. तरुण कुमार ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक उत्तरदायित्व बताते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
इस माैके पर विद्यालय के प्राचार्य सुखराम पाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विद्यार्थी ही समाज के सच्चे परिवर्तनकारी दूत हैं।