फोटो संख्या:68- गांव देवास के जलघर के टैंक नंबर चार में पानी पर तैरती गाद व सैवाल की परत--संवाद
महेंद्रगढ़। शहर की करीब 80 हजार की आबादी को जल आपूर्ति के लिए बने टैंकों की आठ सालों से सफाई तक नहीं हो पाई है। इसमें दो से तीन फीट तक गाद व शैवाल जमा है।
जिम्मेदारों का दावा है कि हर साल सर्दी के मौसम में टैंकों की सफाई की जाती है, लेकिन जब टैंकों का पानी कम हुआ तो सफाई के दावे भी नजर आए।
जलघर के चार टैंकों में से दो टैंकों में दो से तीन फुट गाद, शैवाल तथा मिट्टी की परत जमी हुई है। जलघर पर तैनात कर्मचारी का कहना है कि वर्ष 2016 में टैंक की सफाई की गई थी, जबकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि हर साल सर्दियों में टैंकों की सफाई की जाती है।
दो से तीन फीट गाद, काई व शैवाल जमा होने के अलावा नहरी पानी में आने वाली मिट्टी ने इनकी क्षमता भी घटा दी है। टैंक नंबर तीन की तली में जंगी घास के पौधे उगे हुए हैं। किनारों पर मिट्टी व गंदगी जमी हुई है। चार नंबर टैंक की तली में दो-तीन फीट मिट्टी जमी है। तीन नंबर टैंक की तली भी शैवाल व मिट्टी तथा शैवाल से अटी पड़ी है। संवाद
फोटो संख्या:68- गांव देवास के जलघर के टैंक नंबर चार में पानी पर तैरती गाद व सैवाल की परत--संवाद