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छलक नाले की दुर्गंध से 18 माह में मिलेगी मुक्ति

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छलक नाले के निर्माण में जुटे मजदूर। - फोटो : Narnol
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शहर के लोगों को छलक नाले की दुर्गंध से मुक्ति 18 माह में मिल जाएगी। साथ ही शहर के बीच से उन्हें नाले के साथ सड़क भी उपलब्ध होगी। छलक नाले के निर्माण के दौरान सुरक्षा के दृष्टि से ग्रील लगाए जाएंगे। इसे बनाने पर करीब 28 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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बता दें कि छलक नाले के कायाकल्प करने की घोषणा सीएम ने साल 2015 में की थी। जिस पर नप ने नाले की डिजाइन और लागत बनाकर सरकार को भेजा था। सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर पिछले साल दिसंबर में सीएम ने छलक नाले के निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। जून में जयपुर की एक एजेंसी को कार्य सौंपा गया था। नप के कार्यकारी अभियंता हेमंत कुमार ने बताया कि नाले के कायाकल्प होने से आम लोगों को दुर्गंध से राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि कुलताजपुर रोड से रेवाड़ी रोड तक नाले का सुंदरीकरण शुरू हो गया है।
एनजीटी के निर्देशों के तहत छलक नाले को पूरी तरह से कंकरीट से कवर नहीं किया जाएगा। जहां जरूरत होगी वहीं नाला कवर होगा। करीब तीन किलोमीटर लंबे नाले पर 465 फीट नाला कवर होगा। दूसरा नाले के दीवार पर सुरक्षा को लेकर लोहे की ग्रील लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को प्रोजेक्ट 18 माह में पूरा करना है। ऐसे में अगले साल यह कार्य पूरा होगा। अभी कार्य शुरू हुआ है और जल्द ही काम में तेजी आएगी। इस पर करीब 28 करोड़ रुपये खर्च होगा।
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सड़क भी बनेगी
योजना के अनुसार छलक नाले के साथ जगह की उपलब्धता के अनुसार सड़क का निर्माण होगा। शहर में कुछ जगहों पर छोड़कर नाले के साथ जगह उपलब्ध है। दूसरा नप नाले की जमीन को कब्जा करने वाले पर भी कार्रवाई करेंगी। जिससे नाले के बनाने में किसी प्रकार की कठिनाई न आने पाए। नाले के साथ सड़क बनाने से लोगों को शहर के बीच से जाने का एक अच्छा विकल्प बना जाएगा। अभी कुछ जगहों पर नाले के साथ सड़क बनी हुई है। योजना के अनुसार नाले के साथ हरियाली के लिए पौधे भी लगाए जाएंगे।
नाले में गंदा पानी नहीं जाएगा
अभी छलक नाले में सीवर का भी पानी जा रहा है। इससे नाले में गंदा भी बहता रहता है। इससे लोगों को परेशानी होती है। योजना के अनुसार नाले से सीवर की लाइन को अलग किया जाएगा। नाले से सीवर की लाइन को शिफ्ट किया जाएगा। नाले के साथ ही सीवर लाइन डाली जाएगी। दूसरा नाले का क्रॉस कर रही पानी की लाइनों को सही तरीके से लगाया जाएगा। योजना के अनुसार नाले दी दोनों ओर दीवार को पक्का होगी। नाले का फर्श कच्चा रहेगा ताकि पानी रिजार्च हो सके। जगह की उपलब्ध के अनुसार नाले के आसपास पौधे, पार्क, वॉकिंग ट्रैक व सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण होगा।
नदी जो अब नाला है
नारनौल शहर के मध्य से छलक नदी गुजरती थी। प्राचीनकाल में नदी की चौड़ाई एवं लंबाई अधिक थी। लेकिन, बरसात कम होने के साथ-साथ सिकुड़ती चली गई। वर्तमान में यह अतिक्रमण की चपेट में है और नदी अब गंदे नाले का रूप ले चुकी है। नप की अनदेखी के कारण सफाई का अभाव है। यह बरसाती पानी खासकर बाढ़ के पानी की निकासी में नाला मुख्य भूमिका निभाता है। कुलताजपुर रोड से पुल बाजार होते हुए रेवाड़ी रोड से आगे निकल जाता है।
छलक नाले के बनने से आधे शहर केे राहत मिलेगी। लंबे समय से नाला उपेक्षा का शिकार था। उम्मीद है कि लोगों की सहूलियतों को ध्यान में रखकर इसका निर्माण होगा। नाले पर कई जगहों पर पुल बनाने की जरूरत है।
- अनुराग मान
लंबे समय से नाले को पक्का करने की मांग की जा रही थी। अब इस पर कार्य शुुरू हो गया है। उम्मीद है कि तय समय में इसे पूरा कर लिया जाएगा। अभी लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
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- हेमंत कुमार
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