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Mahendragarh-Narnaul News: ठंड में कांपते बच्चे, जमीन पर कक्षाएं, कागजों में चमकता पीएमश्री स्कूल

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फोटो संख्या:51 राजकीय ब्वॉयज स्कूल में टूटी पड़ी कक्षा की ​खिड़की। संवाद
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महेंद्रगढ़। शहर स्थित पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को पीएमश्री का दर्जा तो मिल गया लेकिन इसमें विद्यार्थियों के बैठने के लिए भी उचित व्यवस्थाएं नहीं हैं। कक्षाओं में बेंच छोड़िए विद्यार्थियों के बैठने के लिए दरी तक नहीं हैं। बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ने पर मजबूर हैं।
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हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से विद्यार्थियों को ठंड से बचाव के लिए निर्देश जारी किए गए हैं और स्कूलों में इनका पालन करने आदेश भी दिए गए हैं। निदेशालय के आदेशों की जांच के लिए जब टीम वीरवार को शहर के दो राजकीय स्कूलों में पहुंची।
शहर के मसानी चौक के नजदीक पीएमश्री स्कूल में कक्षा छठी से 12वीं तक की कक्षाएं लग रही हैं और इनमें 306 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। पीएमश्री स्कूल में पहुंचते ही सामने कॉमर्स संकाय की छात्राएं नीचे जमीन पर बैठी नजर आई।
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इसके बाद कक्षाओं की जांच की तो रोशनदानों और खिड़कियां भी खुली भी मिलीं। अगर खिड़कियां बंद होती हैं तो कक्ष में पढ़ने के लिए पर्याप्त रोशनी नहीं रहती है। साथ ही पीने के पानी गुणवत्ता भी खराब है और आरओ भी नहीं है।
शिक्षकों का कहना है कि ठंड में विद्यार्थी पानी कम पीते हैं और गर्म पानी पीने वाले विद्यार्थी अपने घर से बोतल लेकर आते हैं। इसके अलावा चार अन्य कक्षाएं भी खुले में लगी हुई थी। हालांकि, इनमें विद्यार्थियों को बैठने के लिए दरी व स्टूल प्रदान किए गए थे। शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थी धूप में बैठना पसंद कर रहे हैं, इसलिए उनको में बैठाया गया है। वहीं, प्राचार्य जयपाल स्कूल में नहीं मिले।


तीनों कक्षाएं लग रही बरामदे में, खिड़कियां भी टूटी
शहर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लड़कों में कक्षा नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं लगाई जा रही हैं और इनमें 136 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। स्कूल में 9 शिक्षक और एक प्राचार्य है। यहां पर हालात पीएमश्री से भी बदतर मिले। तीनों कक्षाएं बरामदे में लगाई जा रही हैं और विद्यार्थियों को बैठने के लिए दरी भी नहीं दी गई। जमीन बैठाकर पढ़ाई करवाई जा रही है। वहीं, कक्षाओं में भी नाममात्र डेस्क हैं और कक्षों की खिड़कियां भी टूटी हुई हैं जबकि भवन व दरवाजे भी जर्जर हो चुके हैं। प्राचार्य महेश कुमार ने बताया कि उन्होंने पांच दिन पहले ही कार्यभार संभाला है और स्कूल का संचालन भी इसी साल हुआ है तो एक साल में बजट आएगा। अगले सत्र से सुविधाओं की आस है।

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- वर्जन:
निदेशालय के नियमों के पालन के लिए स्कूलों को गाइडलाइन जारी की गई है। अब इन कमियों को सुधार जाएगा और स्कूल प्रबंधकों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। -अलका, खंड शिक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़

फोटो संख्या:51 राजकीय ब्वॉयज स्कूल में टूटी पड़ी कक्षा की खिड़की। संवाद

फोटो संख्या:51 राजकीय ब्वॉयज स्कूल में टूटी पड़ी कक्षा की खिड़की। संवाद

फोटो संख्या:51 राजकीय ब्वॉयज स्कूल में टूटी पड़ी कक्षा की खिड़की। संवाद

फोटो संख्या:51 राजकीय ब्वॉयज स्कूल में टूटी पड़ी कक्षा की खिड़की। संवाद

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