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रेवाड़ी-फुलेरा रेलमार्ग पर चार यात्री और 40 मालगाड़ी ट्रेनों के रुट में बदलाव

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रेवाड़ी-फुलेरा रेलमार्ग पर गांव भीलवाड़ा के समीप शुक्रवार की सुबह मालगाड़ी (कंटेनर ट्रेन) हादसे का शिकार हो गई। रेल पटरी उखड़ने के कारण चार यात्री ट्रेन और 40 मालगाड़ियों के रूट में बदलाव कर दिया गया है। क्षेत्र में पहली बार ऐसा हादसा हुआ है। दूसरी ओर रेलवे ट्रैक को ठीक करने में जुट गया है।
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बता दें कि मालगाड़ी विभिन्न कंपनियों का सामान काठूवास कंटेनर डिपो से गुजरात के मुद्रा पोर्ट पर कंटेनर में लेकर जा रहा थी। काठूवास कंटेनर डिपो के टर्मिनल मैनेजर सुरेंद्र ने बताया कि काठूवास कॉनकोर डिपो से 10 बजकर 30 मिनट पर मालगाड़ी (कंटेनर ट्रेन) चली थी। करीब पैने 11 बजे हादसे की सूचना मिली। उसके बाद कॉनकोर व भारतीय रेल के साथ राहत बचाव के लिए अलग-अलग विभाग के कर्मियों ने मोर्चा संभाला। ट्रैफिक इंस्पेक्टर पीसी यादव व सीनियर सेक्सन इंजीनियर पीके भारद्वाज ने बताया कि 100 मीटर के करीब रेलवे ट्रैक को नुकसान हुआ है। सहायक सुरक्षा आयुक्त बीआर सरोज अपने दल बल के साथ से मौके पर पहुंच कर अग्रिम कार्रवाई की। मालगाडियों को फ्रेड कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) की लाइन से गुजारने के लिए भी योजना बनाई जा रही है। कंटेनर में रखा हुआ सामान विदेश व देश के दूसरे हिस्सों में भेजना था। कॉनाकोर डिपो के शीर्ष अधिकारी मौके पर पहुंचकर कंटेनरों को सुरक्षित रख रहे थे। रेल अधिकारियों का कहना हैं कि जांच के बाद ही हादसे के सही कारणों का पता चल पाएगा। हादसे में मालगाड़ी में लोको पायलट, सहायक व गार्ड को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ।
मालगाड़ी दो भागों में बंटी
हादसे में मालगाड़ी बीच से दो भागों में विभाजित हो गई हैं। काठूवास से करीब 15 किमी चलने के बाद अटेली और बाछौद स्टेशन के बीच गांव भीलवाड़ा के समीप पौने 11 बजे हादसा हो गया। इसमें आगे के इंजन समेत तीन वैगन या फ्लेटफार्म ठीक है। इसी प्रकार पीछे से भी कुछ प्लेटफार्म सही है। बीच के प्लेटफार्म तरीके से उतर गए। जयपुर मंडल से राहत बचाव के लिए विशेष ट्रेन हादसा स्थल पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। मालगाड़ी डबल डेकर में कुल 90 वैगन थे। 30 वैगन ट्रैक पर सुरक्षित है। 25 करीब वैगन क्षति ग्रस्त होने की जानकारी मिली हैं। 25 वैगन में 50 कंटेनर थे। क्रेन की मदद से कंटेनर को हटाया जा रहा है।
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रेवाड़ी से जपुयर होकर जाएगी ट्रेन-
नारनौल स्टेशन मास्टर मुनेश भार्गव ने बताया कि इस रूट पर जन शताब्दी व चेतक एक्सप्रेस ट्रेन का रूट बदल दिया गया है। अपडाउन मिलाकर चार ट्रेनों केे जयपुर-रेवाड़ी से दिल्ली भेजा जा रहा है। इमसें चेतक और जनशताब्दी अपडाउन शामिल हैं। मालगाड़ियों को डीएफसीसी के लाइन पर चलाने की योजना बनाई जा रही थी। इस रूट पर प्रतिदिन 40 से अधिक मालगाड़ियों का आवागमन होता है। अधिकतर कंटेनर ट्रेन होती हैं। यात्री ट्रेने को शनिवार तक जयपुर रेवाड़ी से भेजा जाएगा।
लाइन ठीक करने में जुटे
सबसे पहले रेल लाइन के ऊपर से गुजर रही इलेक्ट्रिक लाइन को ठीक किया जा रहा था। शुक्रवार को हुए हादसे में डीएफसीसी की लाइन को नुकसान नहीं पहुंचा है। रेलवे के आला अधिकारी डीएफसीसी की लाइन पर गाड़ियों के आवागमन करने के आपस में संपर्क कर रहे थे। जयपुर से भी पहुंच गई है।
हो सकता था हादसा
मालगाड़ी के पटरी से उतरने पर कंटेनरों से जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। मालगाड़ी को देखने के लिए आसपास के गांवों की भीड़ जमा हो गई। लोग रेलवे की चूक पर चर्चा कर रहे थे। अगर कोई लाइन के साथ पशु व व्यक्ति गुजर रहे होते तो निश्चित रूप से कंटेनर के नीचे दब जाने से बड़ा हादसा हो सकता था।
पुरानी लाइन पर जा रही थी मालगाड़ी
बता दें कि रेवाड़ी से फुलेरा के बीच चार लाइन है। इसमें दो पुरानी लाइने हैं जबकि दो लाइनों अपडाउन का पिछले माह पीएम से शुुुभारंभ किया था। शुक्रवार को मालगाड़ी पुराने ट्रैक से आ रही थी। पहले पीएम ने न्यू अटेली-न्यू किशनगढ़ के लिए दुनिया की पहली डबल स्टैक लांग हॉल कंटेनर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के 306 किलोमीटर लंबे न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड है। न्यू रेवाड़ी से न्यू मदार खंड हरियाणा के महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों में लगभग 79 किलोमीटर में है।
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